सतपुड़ा टाइगर बाघ की मौत जहर से नहीं, तार में करंट उतारने की वजह से हुई


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स्टोरी हाइलाइट्स

आरोपी के बयान में खुलासा, अधिकारियों के दावों की खुली पोल..!!

भोपाल: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में रेडियो कॉलर वाले बाघ की हत्या का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। छिंदवाड़ा में पकड़े गए आरोपियों ने अपने बयान में कहा है कि बाघ की मौत यूरिया खाद खाने से नहीं, बल्कि तार में करंट उतारने की वजह से हुई है। आरोपियों के बयान ने अधिकारियों के दावों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए है।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में रेडियो कॉलर लगे बाघ की हत्या छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र स्थित छातीआम गांव में अफीम की खेत में हुई। हत्या की जांच में चौंकाने वाले खुलासा हुआ है। बाघ की हत्या के मामले में वन विभाग ने छातीआम गांव के उदेसिंग समेत पांच आरोपियों को पकड़ कर अपनी पड़ताल शुरू की। प्रारंभिक जांच में फारेस्ट अफसरों ने मान लिया कि मृत बैल के शरीर पर यूरिया डाल दिया, जिसके खाने के बाद टाइगर की मौत हुई। डॉक्टरों ने भी अपनी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही बात दोहराई कि बाघ की मौत यूरिया खाने से हुई है। जबकि आरोपियों के धारा 50 के तहत बयान दर्ज किए गए। अपने बयान में आरोपियों ने बताया कि यूरिया खाद से टाइगर नहीं मरा। उसकी मौत अफीम खेती के चारों तरफ तार से घेरकर उस पर करंट फैला दिया था। करंट लगने से टाइगर की मौत हुई है। यह बयान तामिया एसडीओ सीमा ठाकुर ने दर्ज किए हैं।

फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा को तत्काल हटाएं: दुबे

वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) में एक 4 वर्षीय रेडियो-कॉलर वाली बाघिन की हत्या और शव को दफनाने की घटना को लेकर भारत सरकार , राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण,वाइल्ड लाइफ क्राइम ब्यूरो और प्रमुख सचिव वन मप्र शासन को पत्र लिखा है। दुबे का कहना है कि बाघिन के रेडियो कॉलर से 3 मार्च से कोई हलचल नहीं हो रही थी। सवाल यह है कि 23 दिनों तक मॉनिटरिंग टीम ने इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने मांग की है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा को तत्काल पद से हटाया जाए और एनटीसीए (NTCA) द्वारा पिछले 30 दिनों के मॉनिटरिंग लॉग का ऑडिट किया जाए।

इनका कहना

हां, आरोपी ने अपना बयान दर्ज कराया है कि टाइगर कि मौत करंट से हुई। अभी पड़ताल चल रही है।
साहिल गर्ग, डीएफओ छिंदवाड़ा पश्चिम