नई योजना: अब रात्रि विश्राम हेतु ग्राम पंचायतों में भी बनेंगे श्रमिकों के लिये रैन बसेरे


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स्टोरी हाइलाइट्स

योजना का उद्देश्य, कार्य की खोज में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पलायन कर अन्य क्षेत्रों में आने वाले मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिकों को रात्रि विश्राम हेतु प्रदेश की ग्राम पंचायतों, नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं के मुख्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित आवास एवं भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराना है..!!

भोपाल:राज्य सरकार ने ग्यारह साल पहले बनी निर्माण श्रमिक रैन बसेरा योजना 2014 को खत्म कर नई निर्माण श्रमिक रैन बसेरा योजना 2026 प्रभावशील की है जिसके तहत अब ग्राम पंचायतों में भी श्रमिकों के रात्रि विश्राम हेतु सर्वसुविधायुक्त रैन बसेरे बनाये जायेंगे। योजना का उद्देश्य, कार्य की खोज में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पलायन कर अन्य क्षेत्रों में आने वाले मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिकों को रात्रि विश्राम हेतु प्रदेश की ग्राम पंचायतों, नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं के मुख्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित आवास एवं भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसके लिये शासकीय भूमि चिन्हित कर श्रम विभाग को रैन बसेरा बनाने हेतु आवंटित की जायेगी। रैन बसेरा  में महिला एवं पुरुषों के उपयोग हेतु अलग-अलग 2 डॉरमेट्री, भोजन करने व बनाने तथा पृथक-पृथक स्नानघर व शौचालय की व्यवस्था होगी तथा इसमें सीसीटीवी कैमरे, फर्नीचर, बिस्तर व लॉकर व पीने का पानी भी होगा। रैन बसेरा स्टाफ के हेतु अलग कमरा भी होगा। 

कर्मकार मंडल रैन बसेरा के निर्माण हेतु नगर पालिकाओं हेतु 50 लाख रुपये, नगर परिषदों हेतु 30 लाख रुपये एवं ग्राम पंचायतों हेतु 15 लाख रुपये एक-एक रैन बसेरा बनाने हेतु उपलब्ध करायेगा। एक जनपद पंचायत के अंतर्गत अधिकतम 10 ग्राम पंचायतों में रैन बसेरा बन सकेंगे। रैन बसेरा परिसर में दुकानें भी बनाई जा सकेंगी। कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा निर्माण की 30 प्रतिशत राशि अग्रिम में प्रथम किश्त जारी करने के एक वर्ष वर्ष के अंदर रैन बसेरा निर्मित करना होगा। दूसरी किश्त की 30 प्रतिशत राशि 50 प्रतिशत निर्माण पूरा होने पर और शेष 40 प्रतिशत किश्त की राशि कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र जारी होने के उपरान्त जारी की जायेगी। जिला स्तरीय समिति द्वारा रैन बसेरा में श्रमिकों के ठहरने हेतु शुल्क का भी निर्धारण किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व की रैन बसेरा योजना में चार महानगरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर एवं जबलपुर के नगर निगमों हेतु 25 लाख रुपये, अन्य नगर निगमों हेतु 20 लाख रुपये, नगर पालिकाओं हेतु 15 लाख रुपये एवं नगर परिषदों हेतु 10 लाख रुपये रैन बसेरा के निर्माण हेतु दिये जाते थे तथा इस योजना में ग्राम पंचायतें शामिल नहीं थी।