‘ब्राह्मणों के खिलाफ नियम बनाए जा रहे’ दिग्गज नेता गोपाल भार्गव के बयान ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी..अपनी ही सरकार पर बोला हमला


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स्टोरी हाइलाइट्स

BJP के दिग्गज नेता और नौ बार के MLA गोपाल भार्गव ने अपनी ही सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, ब्राह्मण समुदाय के एक प्रोग्राम में बोलते हुए भार्गव ने कहा कि आज जो नियम बनाए जा रहे हैं, वे ब्राह्मणों के खिलाफ हैं, जिससे उनकी रात की नींद उड़ गई है..!!

मध्य प्रदेश की पॉलिटिक्स के भीष्म पितामह कहे जाने वाले BJP के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के एक बयान ने पॉलिटिकल गलियारों में हलचल मचा दी है। सागर में ब्राह्मण समुदाय के एक इवेंट में भार्गव ने अपनी सरकार की पॉलिसी और इंतज़ाम पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा फैसले और नियम ऐसे हैं कि उन्हें रात में नींद नहीं आती और उनकी रूह कांपती है। 

नौ बार के MLA गोपाल भार्गव ने समुदाय को चेतावनी दी कि मौजूदा हालात ऐसे हो गए हैं कि ब्राह्मणों को किनारे किया जा रहा है। उन्होंने मंच से पूछा, "क्या हम दो कौड़ी के भी हैं? क्या हमें मार दिया जाएगा? क्या हमें ही नीचा दिखाया जा रहा है?" उन्होंने आरोप लगाया कि समुदाय के खिलाफ साज़िशें रची जा रही हैं और हर तरफ से ब्राह्मणों को निशाना बनाया जा रहा है।

गोपाल भार्गव का गुस्सा हाल ही में आए नए UGC नियमों और IAS ऑफिसर संतोष वर्मा के ब्राह्मण बेटियों के बारे में किए गए आपत्तिजनक कमेंट्स के संदर्भ में देखा जा रहा है। भार्गव ने इस बात पर भी नाराज़गी जताई कि सरकार ने विवादित कमेंट करने वाले ऑफिसर के खिलाफ सख्त एक्शन नहीं लिया है। उन्होंने इशारा किया कि अगर समाज संगठित नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियां उन्हें माफ नहीं करेंगी।

घटते पॉलिटिकल असर पर चिंता जताते हुए भार्गव ने पुरानी बातें याद कीं और कहा कि ब्राह्मण कभी हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, गवर्नर और मुख्यमंत्री के पदों पर थे। लेकिन, अब केंद्र और राज्यों में हालात बदल गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब दूसरे समुदाय के लोग पावर में होंगे, तो वे हमारे नहीं, बल्कि अपने फायदे पर ध्यान देंगे। इसलिए समुदाय को किसी भी पार्टी से ऊपर उठकर एक होना चाहिए।

गोपाल भार्गव अभी मध्य प्रदेश के सबसे सीनियर MLA में से एक हैं और 1985 से कोई चुनाव नहीं हारे हैं। वे कई बार कैबिनेट मिनिस्टर रह चुके हैं। अपनी ही सरकार की पॉलिसी का उनका पब्लिक में विरोध दिखाता है कि सवर्ण समुदाय का एक बड़ा हिस्सा सरकार के हाल के कुछ फैसलों से बहुत परेशान है।