India-US trade deal: इंडिया और US के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील और टैरिफ बातचीत सफल रही। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि भारत और यूनाइटेड स्टेट्स (USA) एक ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत वॉशिंगटन भारतीय सामानों पर टैरिफ को मौजूदा 50 परसेंट से घटाकर 18 परसेंट कर देगा। नए टैरिफ नियम भारत के लिए एक डिप्लोमैटिक सफलता का भी संकेत देते हैं।
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रेड एग्रीमेंट का ऐलान करने के साथ ही यह भी कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा और ट्रेड बैरियर कम करेगा। ट्रंप ने इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी फोन पर बात की। ट्रंप ने कहा है कि भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
अब सवाल यह है कि भारत-US टैरिफ डील दूसरे देशों से अलग और खास क्यों है? नए एग्रीमेंट के लागू होने के साथ ही भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिन पर डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने काफी कम टैरिफ लगाए हैं। चीन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों की तुलना में, US भारत पर सबसे कम टैरिफ लगाएगा।
भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो US ने चीन पर 34% टैरिफ लगाया है। वहीं, बांग्लादेश पर 20%, पाकिस्तान पर 19% और श्रीलंका पर 20% टैरिफ लगाया है। भारत से ज़्यादा US को टैरिफ देने वाले देशों की लिस्ट नीचे दी गई है।
सीरियल नंबर देश का नाम टैरिफ परसेंटेज
1. ब्राज़ील 50%
2. सीरिया 41%
3. लाओस 40%
4. म्यांमार 40%
5. कनाडा 35%
6. इराक 35%
7. सर्बिया 35%
8. लीबिया 30%
9. साउथ अफ्रीका 30%
10. मेक्सिको 25%
हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात हैै, कि US, यूरोपियन यूनियन से लेकर जापान और साउथ कोरिया तक कई देशों पर भारत से कम टैरिफ लगाता है। डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "अब मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया जाएगा।"
पुराण डेस्क