भोपाल: राज्य सरकार के श्रम विभाग ने मप्र दुकान एवं स्थापना अधिनियम के तहत 12 सितम्बर 2025 से आटोमेटेड यानि ऑनलाईन आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने एवं निर्धारित फीस जमा करने पर ऑनलाईन ही स्वमेव गुमाश्ता लायसेंस मिलने की व्यवस्था में घोटाला सामने आया है तथा अब श्रम आयुक्त ने अपने श्रम अधिकारियों को इसकी जांच करने कर गलत ढंग से बने गुमाश्ता लायसेंस निरस्त करने के निर्देश जारी किये हैं।
इस संबंध में जारी ताजा निर्देशों में कहा गया है कि रैंडम जांच में सामने आया है कि ऑनलाईन अपलोड दस्तावेजों में अपूर्ण प्रविष्टि, अहस्ताक्षरित आवेदन, दुकान का फोटो अपलोड नहीं करना, एडिटेड फोटो अपलोड करना, गलत पते का उल्लेख करना आदि कमियां पाई गईं। इससे स्पष्ट होता है कि पूर्णत: स्वचालित व्यवस्था के परिणाम स्वरुप आवेदकों द्वारा मिथ्या जानकारी के आधार पर दुकान एवं स्थापना का पंजीयन प्राप्त किया जा रहा है।
इसलिये ऐसे पंजीयनों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना आवश्यक है। इसलिये जिला कार्यालय स्तर पर कुल जारी पंजीयनों में से कम से कम 10 प्रतिशत पंजीयन प्रमाण-पत्रों की बारीकी से रैंडम जांच की जाये। इस जांच में यदि असत्य एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन प्राप्त किया जाना प्रमाणित होता है, तो ऐसे पंजीयन को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाये। अहस्ताक्षरित, धुंधले, अपठनीय दस्तावेजों के आधार पर जारी पंजीयन प्राप्त करने वाली दुकान अथवा स्थापना को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर प्राप्त जवाब के आधार पर आगामी कार्यवाही की जाये। निरीक्षण में दुकान या स्थापना स्थायी रुप से बंद पाये जाने अथवा अस्तित्व में न होने पर विधिवत पंचनामा तैयार कर पंजीयन निरस्त किया जाये। पंजीयन निरस्ती के संबंध में श्रम मुख्यालय स्तर से आवेदनकर्ता को एसएमएस प्राप्त होने की व्यवस्था निर्मित की जा रही है जिससे संतुष्ट न होने पर आवेदक को उसका पक्ष रखने का मौका दिया जायेगा।
डॉ. नवीन आनंद जोशी