भोपाल।मध्य प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक आईएएस अधिकारी की निजी ज़िंदगी को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है। बात हो रही है अवि प्रसाद की—जो 2014 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में राज्य मंत्रालय में मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के रूप में पदस्थ हैं।
पिछले एक दशक में उनके तीन विवाह, वह भी तीनों महिला आईएएस अधिकारियों के साथ—यह तथ्य प्रशासनिक हलकों में कौतूहल का विषय बना हुआ है। हर बार जीवनसाथी वही पेशा, वही सेवा—और हर बार कहानी एक नए अध्याय में प्रवेश कर जाती है।
बताया जाता है कि दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी निकटता रिजु बाफना से बढ़ी। दोनों 2014 बैच के अधिकारी हैं। विवाह हुआ, पर यह अधिक लंबा नहीं चला और बाद में अलगाव हुआ। वर्तमान में रिजु बाफना शाजापुर की कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं।
इसके बाद दिल आया मिशा सिंह पर—2016 बैच की अधिकारी, मूलतः आंध्र प्रदेश से। विवाह के पश्चात उन्होंने मध्य प्रदेश केडर अपनाया। यह संबंध भी लगभग चार वर्षों में समाप्त हो गया । फिलहाल वे रतलाम में कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं।
उज्जैन में एडीएम के कार्यकाल के दौरान, जिला पंचायत सीईओ रहीं अंकिता धाकरे पर अभी प्रसाद की नज़रें टिकी। 2017 बैच की अधिकारी अंकिता वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं। बताया जाता है कि 11 फरवरी 2026 को दोनों ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में विवाह किया।
सूत्रों के अनुसार, अविप्रसाद की पारिवारिक पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश से जुड़ी है। इसी के साथ उनकी जीवनशैली को लेकर भी प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में तरह-तरह की टिप्पणियाँ सुनने को मिलती हैं।
प्रशासनिक सेवा में अनुशासन और स्थायित्व की बात करने वाले तंत्र में, जब निजी जीवन बार-बार सुर्खियाँ बने, तो सवाल उठते हैं—यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है या सार्वजनिक आचरण की कसौटी?
दस साल में तीन विवाह—संयोग हो या संकल्प—फिलहाल यह कहानी काग़ज़ों से निकलकर चर्चाओं के केंद्र में है। तीसरा अध्याय कितना लंबा चलेगा, यह समय बताएगा; पर इतना तय है कि यह प्रसंग प्रशासनिक गलियारों में लंबे समय तक फुसफुसाहट का विषय बना रहेगा।
डॉ. नवीन आनंद जोशी