बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने वाली कम्पनी के काम पर तत्काल रोक लगे: सिंह


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स्टोरी हाइलाइट्स

पाकिस्तानी मूल के हैं कंपनी के निदेशक और इंजीनियर, मुख्यमंत्री श्वेत पत्र जारी कर जनता को वस्तुस्थिति बतायें..!!

भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने मध्य प्रदेश के घरों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने वाली सउदी अरब की अल्फानार इण्डिया कम्पनी की कार्यप्रणाली की सघन जांच कर ठेका निरस्त करने की मांग मुख्यमंत्री मोहन यादव से की है|  उन्होंने कहा कि चूंकि कम्पनी के आला अधिकारी, इंजीनियर और कर्मचारी पाकिस्तानी मूल के है इसलिए ठेके के बहाने नागरिकों का डाटा एकत्र कर उसका दुरूपयोग होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।  

क्या प्रदेश सरकार इस बात से आश्वस्त है कि कम्पनी को ठेका देना देशहित में है, इसमें कोई पाकिस्तानी कनेक्शन तो नही है और यहां के नागरिकों का डाटा विदेशों में नही भेजा जायेगा। क्या ठेका देने के पहले मुख्यमंत्री को विश्वास में लिया गया था। यदि ऐसा है तो सरकार को यह सब बातें श्वेत पत्र के माध्यम से प्रदेश की जनता तक पहुंचाना चाहिए।

अजय सिंह ने कहा कि शक इसलिए भी और गहरा हो गया है क्योंकि कम्पनी ने सरकारी बोली से चार हजार करोड़ रूपये कम में ठेका कैसे ओैर क्यों लिया? सरकारी बोली 15 अरब 70 करोड़ 26 लाख रूपये की थी  जबकि कम्पनी ने 11 अरब 63 करोड 40 लाख रूपये में ही ठेका ले लिया|  इतना बड़ा अंतर केवल सिस्टम में प्रवेश पाने लिए समझबूझ कर किया गया प्रतीत होता है। 

जाहिर है कि इसमें घटिया सामान ही दिया जायेगा। अल्फानार कम्पनी के पास साफ्टवेयर विकास या डेटा प्रबंधन का अनुभव नहीं है। अल्फानार ने यह काम यूएई की एस्यासाफ्ट टेकनोलोजी कम्पनी को दे दिया है। इसमें भी पाकिस्तानी अधिकारी पदस्थ हैं| इनकी पहुंच हमारे उपभोक्ताओं के डाटा तक होना क्या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम नहीं है?   

सिंह ने कहा कि इन्दौर में अयोग्य घोषित होने के बावजूद भी कम्पनी को अन्य स्थानों में कार्य क्यों दिया गया? प्रदेश के कई स्थानों से स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए बिल आने की शिकायतें आ रही है। विस्फोट होने और आग लगने की कई खबरें भी अखबारों में प्रकाशित हो रही हैं। स्मार्ट मीटर की सामग्री चीन से आयात हो रही है| केवल असेम्बलिंग भारत में हो रही है। 

एक ओर तो प्रधानमंत्री स्वदेशी अपनाने की बात कर रहे है वहीं दूसरी और आयातित सामान का उपयोग हो रहा है। उन्होंने बोली मूल्यांकन में शामिल सभी अधिकारियों की सम्पतियों और परिसम्पतियों की ईओडब्ल्यू से जांच की मांग की है। 

अल्फानार-एस्यासाफ्ट के सभी केन्द्रों का राष्ट्रीय सुरक्षा ऑडिट कराए सरकार..

उन्होंने कहा कि अल्फानार और एस्यासाफ्ट के सभी परिचालन केन्द्रों का राष्ट्रीय सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए| इसके अलावा घटिया मीटर की आपूर्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए| पूरा मामला देश की आंतरिक सुरक्षा पर सीधा  असर डालता है । उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद से तो हमें विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। 

सिंह ने कहा कि इण्डिया स्मार्ट ग्रिड फोरम ने भी केन्द्र सरकार को पत्र लिख कर स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट में भाग ले रही खाड़ी देशों की विदेशी कम्पनियों को ठेका देने के चलते डाटा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए साइबर हमले चेतावनी दी है। 

उल्लेखनीय है कि अल्फानार इण्डिया ने मध्यप्रदेश डिस्कॉम भोपाल और जबलपुर से लगभग दो मिलियन स्मार्ट मीटर लगाने के लिए दो परियोजनायें हासिल की हैं| ये परियोजनायें स्मार्ट मीटरिंग प्रौद्योगिकी के साथ-साथ ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने की भारत की राष्ट्रीय पहल का हिस्सा है, जिसमें मध्य प्रदेश एक प्रमुख क्षेत्र है। भारत का लक्ष्य 2025 के अंत तक सभी 250 मिलियन मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटरों से बदलना है।