मध्य प्रदेश के झाबुआ शहर के उत्कृष्ट मैदान में आयोजित 20 दिन के "महाराज नो मेलो" में सोमवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। मेले का मुख्य आकर्षण "बोट झूला" लोगों को झूला झुलाते समय अचानक कंट्रोल खोकर गिर गया। इस हादसे से मेले में अफरा-तफरी मच गई। बोट झूले के पीछे बैठी करीब 15 छात्राएं घायल हो गईं। सभी छात्राओं को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
पता चला है कि घायल छात्राएं उत्कृष्ट विद्यालय में पढ़ती हैं। कहा जा रहा है कि झूले में क्षमता से ज्यादा बच्चे होने की वजह से यह हादसा हुआ। घटना की जानकारी मिलने पर SP डॉ. शिवदयाल सिंह, ADM भास्कर गाचले और तहसीलदार समेत पुलिस और रेवेन्यू की टीम मौके पर पहुंची और मेले को काबू में किया।
बता दें कि झाबुआ में पिछले छह सालों से लोकल हिंदू संगठन स्वर्गीय आदिवासी संत खुम सिंह महाराज की याद में यह मेला लगाते आ रहे हैं। 1 से 20 जनवरी तक चलने वाले नए साल के दिन आने वालों के मनोरंजन के लिए पांच बड़े और करीब 25 छोटे झूले लगाए जाते हैं। इन झूलों का मज़ा लेने के लिए हर दिन गांव और शहर दोनों इलाकों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
शहर में पारंपरिक तौर पर 25 दिसंबर को "क्रिसमस मेला" लगता था। लेकिन, लोकल लोगों के इसे रोकने के बाद अब "महाराज नो मेला" नाम का मेला शुरू किया गया है। प्रशासन फिलहाल मौके की जांच कर रहा है और घायलों की हालत पर नज़र रख रहा है।
पुराण डेस्क