भोपाल: राज्य सरकार नया बदलाव लागू करेगी। उसने मोटरयान नियमों में संशोधन कर अनेक प्रावधान कर दिये हैं जिन्हें आगामी 24 जनवरी 2026 के बाद पूरे प्रदेश में प्रभावशील कर दिया जायेगा।
नये बदलावों के तहत, यात्री बसों को यात्रियों के सामान एवं निजी वस्तुओं के अलावा व्यापारिक माल एवं पार्सल ले जाने की भी अनुमति होगी लेकिन यह बस के कुल भार के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकेगा तथा एक पोर्टल के माध्यम से इसकी जानकारी दर्ज करना होगी। व्यापारिक माल एवं पार्सल के लिये ई-वे बिल आदि बताने होंगे तथा इनके परिवहन का शुल्क राज्य सरकार तय करेगी।
इसी प्रकार, अब मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायल को राहत देने सिर्फ सरकारी एम्बूलेंस 108 पर निर्भरता खत्म करने हेतु नया बदलाव करते हुये सभी प्रकार की सरकारी, अर्ध सरकारी एवं निजी एम्बूलेंस की जीआईएस मैपिंग होगी तथा इनमें जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, अब सिटी बसें मेट्रोपालिटिन क्षेत्र के उपनगरों में भी जा सकेंगी तथा ग्रामीण मार्ग वह माना जायेगा जो एक ग्राम से जुड़ा हो तथा फिर तहसील मुख्यालय या नगरीय निकाय से जोड़ता हो।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के तहत बनाई जाने वाली कंपनी ही अब यात्री बसें चलायेगी तथा इस कंपनी से निजी बस आपरेटरों को अनुबंध करना होगा क्योंकि परमिट इसी सरकारी कंपनी के नाम पर रहेंगे। सरकारी कंपनी की बसों के रंग का निर्धारण भी किया जायेगा जोकि एक जैसा होगा।
यात्री बसों के यात्रियों की शिकायतों के निवारण हेतु पोर्टल भी बनाया जायेगा। इसके अलावा, डीलक्स/एसी, एक्सप्रेस एवं साधारण बस की सीटों की गणना में कंडक्टर की सीट हटा दी गई है और सिफ चालक की सीट रखी गई है। इसके अलावा, अब राज्य परिवहन उपक्रम किसी रुट के निर्धारण में उस रुट वाले मार्ग को बनाने वाली एजेंसी से प्रमाण-पत्र लेगी कि कितने पुल-पुलिया हैं, मार्ग की दूरी कितनी है, क्या सभी ऋतुओं में यात्री बसें चल सकती हैं तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्र कौन से हैं।
डॉ. नवीन आनंद जोशी