भोपाल। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों के उल्लंघन पर श्रम अधिकारियों द्वारा समझौता शुल्क लेना तय कर दिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार, औद्योगिक संबंध अधिनियम के अंतर्गत किसी उद्योग में अनुचित तरीके से किसी कर्मकार को बर्खास्त करने या अवनत करने या दण्डित करने पर उस अवधि तक एक हजार रुपये प्रतिदिन का समझौता शुल्क लगेगा जिस अवधि तक कर्मकार प्रभावित रहता है।
इसी प्रकार अवैध घोषित तलाबंदी के लिये एक लाख रुपये प्रतिदिन समझौता शुल्क लगेगा। अवैध हड़ताल की अवधि तक पांच हजार रुपये प्रतिदिन समझौता शुल्क लगेगा। अवैध हड़ताल एवं नियोक्ता द्वारा अवैध परिवर्तन पर तीन माह के कारावास पर भी 25 हजार रुपये समझौता शुल्क लेकर प्रकरण समाप्त किया जा सकेगा। गोपनीय जानकारी लीक करने, कत्र्तव्य में बाधा पहुंचाने एवं अन्य उल्लंघनों पर 10 हजार रुपये समझौता शुल्क लिया जा सकेगा।
इसी प्रकार, मध्यप्रदेश असंगठित कर्मकार कल्याण अधिनियम 2003 के तहत किसी लेबर इंस्पेक्टर को निरीक्षण में बाधा पहुंचाने पर तीन माह के कारावास के स्थान पर दो हजार रुपये समझौता शुल्क लेकर प्रकरण समाप्त किया जा सकेगा जबकि अन्य उपबंधों का उल्लंघन करने पर एक हजार रुपये एवं उल्लंघन की अवधि तक 100 रुपये प्रतिदिन समझौता शुल्क लिया जा सकेगा। उक्त सभी का आवेदन तभी लिया जायेगा जबकि निर्धारित समझौता शुल्क जमा कर दिया जाये।
डॉ. नवीन आनंद जोशी