भोपाल।प्रदेश के 45 जिलों में 6 हजार 520 वनखण्डों में 30 लाख 4 हजार 624 हैक्टेयर में वन-राजस्व भूमि विवाद संबंधी प्रकरण राज्य शासन ने चिन्हित किये हैं। अब इनके निराकरण के लिये इसी कार्य के लिये अलग से वन व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त करने की तैयारी चल रही है जोकि डिप्टी कलेक्टर रैंक के होंगे। उक्त विवादित प्रकरण फिलहाल इन 45 जिलों के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के न्यायालय में विचाराधीन हैं। उल्लेखनीय है कि सीएम ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत सर्वाधिक विवादित प्रकरण वाले जिलों में अलग से पांच व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिये हैं तथा इनके पास सिर्फ विवाद के निराकरण का ही एकमात्र कार्य रहेगा, वे अन्य कार्य नहीं करेंगे।
इन जिलों में सर्वाधिक प्रकरण:
सागर में 512, बैतूल में 482, शहडोल में 449, सीधी में 416, रायसेन में 397, टीकमगढ़ में 255 तथा मण्डला में 218 वनखण्डों में वन-राजस्व भूमि संबंधी विवाद हैं। इनके अलावा, जबलपुर में 53 वनखण्डों में 19 हजार 370 हैक्टेयर, सतना के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रघुराजनगर में 90 वनखण्डों में 2 लाख 1 हजार 14 हैक्टेयर, छतरपुर में 229 वनखण्डों में 1 लाख 97 हजार 792 हैक्टेयर, छिन्दवाड़ा में 538 वनखण्डों में 2 लाख 23 हजार 498 हैक्टेयर तथा सिंगरौली के 170 वनखण्डों में 1 लाख 23 हजार 950 हैक्टेयर में वन-राजस्व भूमि विवाद हैं। राजधानी वाले भोपाल जिले के 50 वनखण्डों में 13 हजार 338 हैक्टेयर वन भूमि पर विवाद है।
डॉ. नवीन आनंद जोशी