भोपाल: वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े ने विभागीय जांच आरोप पत्र एवं विभागीय अभिमत प्रकरणों के संबंध में इस कार्यालय द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये हैं। अंबाड़े ने निर्देश कि विभागीय जांच प्रकरणों में विशेष रुचि लेकर निराकरण करें। प्रायः यह देखा जा रहा है कि विभागीय जांच में लापरवाही की जा रही है।
वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े ने अपने निर्देश में कहा है कि इस संबंध में पुनः आपको निर्देश दिये जाते हैं कि आपके अधिनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध लंबित विभागीय जांच प्रकरणों में विशेष रुचि लेकर निराकरण करें। इस संबंध में मुख्यालय स्तर पर माह सितम्बर एवं अक्टूबर 25 में आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला में भी निर्देश दिये गये थे। किन्तु इसमें कोई ठोस गति परिलक्षित नहीं हुई है। इसका मुख्य कारण यह है कि विभागीय जांच का दायित्व जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सौंपा गया है, उनके द्वारा ऐसे प्रकरणों में लापरवाही बरती जा रही है, जिसकी वजह से ऐसे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा में रहते हुये पदोन्नति अथवा समयमान आदि का लाभ प्राप्त नहीं हो पाता है।
31 जनवरी तक निराकरण करें
अंबाड़े ने पुनः निर्देशित किया है कि आपके वृत्त के अंतर्गत लंबित विभागीय जांच प्रकरणों की तत्काल समीक्षा कर दिनांक 31 जनवरी 26 तक समस्त प्रकरणों का निराकरण करते हुये प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करें। अपने पत्र में जांच अधिकारियों से अपेक्षा की है कि शासकीय सेवकों के लंबित विभागीय जांच पर त्वरित कार्यवाही करते हुये प्रकरण को निराकृत करें। जिससे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इसका लाभ आदि प्राप्त हो सकें।
गणेश पाण्डेय