भोपाल: राज्य के वन क्षेत्रों में नाई जने वाली पुरातात्विक अधोसंरचनाओं का अब संरक्षण होगा। यह कदम वनों में स्थित देवलोकों का सर्वेक्षण करने के बाद उठाया जा रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वन विभाग को निर्देश दिये हैं कि पुरातत्व विभाग, पर्यटन विभाग एवं वन विभाग संयुक्त कार्यवाही का आयोजन कर पुरातात्विक अधोसंरचनाओं का संरक्षण करे एवं पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने की रणनीति तैयार करे। दरअसल मुख्यमंत्री को सुझाव मिले थे कि राज्य के वन क्षेत्रों में 1200 पुरातात्विक अधोसंरचनायें स्थित हैं तथा वनमंडलों/संरक्ष्ति क्षेत्रों की कार्य योजना में पुरातात्विक अधोसंरचनाओं की विस्तृत जानकारी का समावेश किया जाये। साथ ही यह भी सुझाव मिला था कि वनों की पुरातात्विक अधोसंरचनाओं के संबंध में जानकारी/डाक्युमेंट तैयार कर उसका प्रचार-प्रसार किया जाये जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले। इन्हीं सुझावों के आधार पर मुख्यमंत्री ने ये निर्देश दिये हैं।
वनों के गांवों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जायेगा :
मुख्यमंत्री ने वन विभाग से कहा है कि प्रदेश के बफर क्षेत्रों एवं अन्य सामान्य वनक्षेत्रों में स्थित ग्रामों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाये जाने की दृष्टि से वन विभाग एवं पशुपालन विभाग द्वारा समन्वय स्थापित कर पहल की जाये।
डॉ. नवीन आनंद जोशी