जंग का 33 वां दिन, ट्रंप बोले- ईरान को परमाणु ताकत बनने से रोकने का टारगेट पूरा


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स्टोरी हाइलाइट्स

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अगले 2 से 3 हफ्तों में खत्म हो सकता है, उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपना लक्ष्य हासिल कर चुका है और ऑपरेशन लास्ट स्टेज में है..!!

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग का आज 33 वां दिन है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अगले 2 से 3 हफ्तों में खत्म हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपना लक्ष्य हासिल कर चुका है और ऑपरेशन लास्ट स्टेज में है। 

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था। यह अब पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि समझौता होने पर युद्ध पहले भी खत्म हो सकता है।

ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं है। अन्य देशों को अपने हितों की सुरक्षा खुद करनी चाहिए। दूसरी तरफ चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बीजिंग में बैठक के बाद 5 पॉइंट की योजना जारी की है। इसका मकसद ईरान जंग रोकना है।

जंग से मिडिल ईस्ट को 18 लाख करोड़ का नुकसान

यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम ने कहा है कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक यह संघर्ष अब सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा संकट बन गया है।

दवा फैक्ट्री पर हमले से मेडिकल सप्लाई पर असर

ईरान ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के हमले में तेहरान की एक दवा फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ है, जिससे देश की मेडिकल सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है। ईरान की न्यूज एजेंसी के अनुसार, जिस फैक्ट्री को निशाना बनाया गया वह फार्मास्युटिकल रॉ मटेरियल यूनिट है। 

ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री महदी पिरसालेही ने बताया कि इस हमले में फैक्ट्री की उत्पादन इकाइयां और रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग पूरी तरह नष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि यह फैक्ट्री तैयार दवाइयां नहीं बनाती थी, लेकिन यह अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के कच्चे माल, ऑपरेशन थिएटर में जरूरी चीजों और कुछ कैंसर की दवाओं के लिए अहम सामग्री तैयार करती थी।

ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी दूत विटकॉफ से बातचीत की जानकारी दी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उन्हें अमेरिका से सीधे और मध्यस्थों के जरिए संदेश मिल रहे हैं, लेकिन यह औपचारिक बातचीत नहीं है। उन्होंने साफ किया कि ईरान सिर्फ जंग के पूरी तरह से खत्म होने पर ही राजी होगा, अस्थायी युद्धविराम स्वीकार नहीं करेगा। अराघची के मुताबिक, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से उन्हें सीधे संदेश मिलते हैं, जबकि कई संदेश अन्य देश के जरिए पहुंचते हैं।