भोपाल: मप्र अब पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। इस कारण से राज्य के नक्सल क्षेत्र के जंगलों के कोर एरिया में पदस्थ वनपालों को 3500 रुपये एवं वनरक्षकों को 2700 रुपये प्रति माह अतिरिक्त नक्सल भत्ता मासिक वेतन के अलावा नहीं दिया जायेगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उक्त वनकर्मियों को नक्सल भत्ता देने के निर्देश दिये थे परन्तु जब इसकी फाईल चली तो अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णमाल ने इसे यह कहकर निरस्त कर दिया कि अब मप्र नक्सलवाद मुक्त हो गया है, इसलिये अब यह भत्ता देने की जरुरत नहीं है।
डॉ. नवीन आनंद जोशी