भोपाल: राज्य के वन विभाग के अंतर्गत कार्यरत आईएफएस कमल अरोरा (सीएफ जबलपुर वन वृत्त) के खिलाफ दर्ज छह शिकायतें वन बल प्रमुख की अनुशंसा पर नस्तीबध्द हो गई हैं। वन विभाग से मिली अधिकृत जानकारी के अनुसार, इन शिकायतों में शामिल हैं : उदय सिंह द्वारा मंडला वृत्त में कमल अरोरा द्वारा सडक़ निर्माण की निविदा के धांधली कर अवैध पैसों की मांग, किशोर समरीते द्वारा कमल अरोरा की तीन सौ करोड़ से अधिक सम्पत्ति जब्त करने, दाम विलास सिंह द्वारा कमल अरोरा द्वारा भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितता करने, चैन सिंह धुर्वे द्वारा कमल अरोरा के विरुध्द विभागीय जांच कर उन्हें निलम्बित करने, आरके सोनी द्वारा कमल अरोरा द्वारा भ्रष्टाचार करने तथा आरके शर्मा द्वारा कमल अरोरा के पूर्व मंडला में पदस्थी के दौरान अनियमितता करने की शिकायत।
इसी प्रकार, संतोष जायसवाल द्वारा अमरजीत सिंह उर्फ बंटी ठाकुर द्वारा डिप्टी रेंजर शर्मा, रेंजर मिश्रा, डीएफओ एवं सीएफ कमल अरोरा की मिलीभगत से जंगल की इमारती लकडिय़ों का अवैध भण्डारण एवं कारोबार करने, अवैध आरामशीन का संचालन कर शासन को लाखों का नुकसान पहुंचाने की शिकायत जांच कार्यवाही हेतु प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा छिन्दवाड़ा, सिवनी एवं नरसिंहपुर में पदस्थ रहे आईएफएस एसएस उद्दे की 500 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति की लोकायुक्त से जांच कराने संबंधी किशोर समरीते की शिकायत भी नस्तीबध्द करने की अनुशंसा की गई है। जबलपुर के डुमना पार्क के रेस्ट हाऊस में 17 जुलाई 2024 को मोहर्रम वाले दिन चीतल का शिकार करके दावत उड़ाने संबंधी अमरजीत सिंह की शिकायत पर की गई जांच का प्रतिवेदन भी राज्य शासन को नहीं भेजा गया है।
डॉ. नवीन आनंद जोशी