भोपाल: जंगलों में रहने वाले आदिवासियों आदि को राहत देते हुये राज्य सरकार ने वन विभाग के माध्यम से नया प्रावधान कर दिया है जिसके अंतर्गत एक हजार रुपये से कम मूल्य की जब्त वनोपज के मामले में 10 हजार रुपये या वाहन के मूल्य, जो भी कम हो समझौता शुल्क लेकर वाहन तथा जब्त वनोपज के मूल्य के बराबर की राशि लेकर छोड़ा जा सकेगा।
यह तब होगा जबकि आरोपी ने पहली बार ऐसा अपराध किया हो। यह समझौता शुल्क उप वनमंडल अधिकारी पद और उससे नीचे के वनकर्मी ले सकेंगे और वाहन सहित वनोपज छोड़ सकेंगे। इसके लिये चार साल पहले बने मप्र अभिवहन वनोपज नियम 2022 में संशोधन कर उसे प्रभावशील कर दिया गया है। यह वनोपज शासकीय या निजी दोनों प्रकार की हो सकेगी। समझौता शुल्क लेने के बाद अपराधी के खिलाफ अन्य कोई भी कार्यवाही नहीं की जायेगी।
डॉ. नवीन आनंद जोशी