प्रदेश के जलाशयों से रेत निकालने का ठेका 25 सालों के लिये मिलेगा: डॉ. नवीन जोशी

ज्वाईंट वेंचर कंपनी नहीं ले सकेगी ठेका, ईएमडी 5 करोड़ होगी व हर साल बीस करोड़ अलग से जमा करने होंगे

डॉ. नवीन जोशी

Dr. Navin joshi newspuranभोपाल। राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग के बांधों से रेत आदि गाद निकालने की नीति जारी कर दी है। नीति के तहत इसे निकालने का ठेका 25 सालों के लिये दिया जायेगा तथा ज्वाईंट वेंचर या कन्सोरटियम कंपनी ठेके में भाग नहीं सकेगा। साथ ही ईएमडी यानि सुरक्षा निधि 5 करोड़ रुपये जमा करना होगी तथा हर साल दस करोड़ रुपये जल संसाधन विभाग को तथा दस करोड़ रुपये खनिज विभाग को अदा करने होंगे।

अब इस नीति के अनुसार एमपी ई टेण्डर वेबसाईट पर टेण्डर जारी किये जायेंगे

नीति में कहा गया है कि राज्य में निर्मित वृहद बांधों में वर्षाकाल में जल आवक के साथ गाद/गाद मिश्रित रेत इत्यादि जलाशय में जमा होने के कारण बांधों की जल भण्डारण क्षमता में कमी आ जाती है। जलाशय में जमा गाद (सिल्ट) को निकाल कर जलाशयों की जल भण्डारण क्षमता का पुनस्र्थापन करने, जलाशय से प्राप्त गाद को कृषकों को प्रदाय कर खेतों की उर्वरा क्षमता में वृद्धि करने, नदियों के पारिस्थितिकीय तंत्र (इकोलॉजी सिस्टम) के संरक्षण, गाद/गाद मिश्रित रेत के बायो प्रोडक्ट का व्यवस्थापन करने एवं बांध/जलाशयों के संधारण के लिए राजकोष पर भार बिना निधि की व्यवस्था करने के लिये यह नीति जारी की गई है।

जल संसाधन विभाग madhya pradesh

उल्लेखनीय है कि पिछली कमलनाथ सरकार के समय यह प्रस्ताव आया था जिसे वर्तमान शिवराज सरकार ने कतिपय संशोधनों के साथ जारी किया है। नीति के अनुसार, प्रतिवर्ष टेण्डर में आई दरों में 8 प्रतिशत के बजाये 5 प्रतिशत की वृध्दि की जायेगी। जलाशयों से गाद निकालने की निविदा अवधि 15 वर्ष होगी तथा इसके बाद मूल्याकंन के आधार पर पुन: पांच वर्ष की वृध्दि की जायेगी तथा इसके बाद अंतिम रुप से 5 वर्ष की और वृध्दि की जायेगी। यानि कुूल 25 वर्षों का ठेका रहेगा।

नीति में कहा गया है कि ज्वाइंट वेंचर अथवा कॉन्सोर्टियम कंपनियां टेण्डर में भाग नहीं ले सकेंगी। उच्चतम दर प्रस्तुत करने वाले निविदाकार को ठेका दिया जायेगा। रेत हेतु आधार मूल्य रु.100 प्रति घनमीटर होगा। निविदाकार को ईएमडी राशि रूपये 5 करोड़ जमा करनी होगी। निविदाकार का विगत तीन वर्षों में न्यूनतम औसत वार्षिक टर्नओवर राशि रू. 500 करोड़ वांछित रहेगा। निविदाकार द्वारा विगत दस वर्षों में से किसी एक वर्ष में न्यूनतम 20.00 लाख टन (11.50 लाख घनमीटर) गाद/गाद मिश्रित रेत निकालने का अनुभव अथवा कार्य पूर्ण करना आवश्यक होगा। 25 करोड़ रुपये की परफॉरमेंस गारंटी जमा कराया जाना अनिवार्य होगा। अनुबंध करने के उपरांत प्रत्येक 12 माह में ठेकेदार द्वारा न्यूनतम 10 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में जलसंसाधन विभाग में एवं समानुपातिक रॉयल्टी राशि खनिज साधन विभाग में जमा कराया जाना अनिवार्य होगा।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि बड़े बांधों से रेत आदि गाद निकालने के लिये अभी नीति जारी की गई है। इसके बाद डाक्युमेंट तैयार होने पर टेण्डर जारी किये जायेंगे।

Priyam Mishra



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