उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट "समृद्ध मध्यप्रदेश @2047" की दिशा में दूरदर्शी, समावेशी एवं परिणामोन्मुखी है। उन्होंने कहा कि बजट में ‘ज्ञान’ ( गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) से आगे बढ़कर ‘ज्ञानी’ (GYANII) की अवधारणा को साकार किया गया है, जिसमें इंडस्ट्रियलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त रूप से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि बजट में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, अधोसंरचना विकास सभी सेक्टर के लिए प्रावधान किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सर्वस्पर्शी, समावेशी बजट के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित एवं समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वर्ष 2026-27 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल 23 हजार 747 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है, जो प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं किफायती उपचार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत 4600 करोड़ रुपये, चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालयों के लिए 3056 करोड़ रुपये, जिला एवं सिविल अस्पतालों हेतु 2049 करोड़ रुपये तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन हेतु 1934 करोड़ रुपये का प्रावधान स्वास्थ्य तंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के लिए 1277 करोड़ रुपये तथा राज्यांश सहित कुल 2139 करोड़ रुपये का प्रावधान यह सुनिश्चित करेगा कि गरीब एवं वंचित वर्ग को निःशुल्क उपचार की सुविधा निरंतर मिलती रहे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार में भी ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। एमबीबीएस सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ स्नातकोत्तर सीटों का विस्तार किया गया है। निजी क्षेत्र की सहभागिता से नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं तथा हजारों चिकित्सक एवं नर्सिंग पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार होगा। बजट में स्वास्थ्य अधोसंरचना निर्माण पर विशेष बल दिया गया है।
सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना, सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना तथा आधुनिक उपकरणों के अनुरक्षण हेतु पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी प्रदेश के रूप में मध्यप्रदेश टेलीमेडिसिन एवं तकनीकी नवाचारों के माध्यम से उपचार की पहुंच को और विस्तारित करेगा।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ‘रोलिंग बजट’ की अभिनव पहल वित्तीय अनुशासन एवं दूरदर्शी योजना निर्माण का उदाहरण है। बहुआयामी गरीबी सूचकांक आधारित बजट प्रक्रिया को संस्थागत रूप देकर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर, स्वस्थ एवं समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प पत्र है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
पुराण डेस्क