बफर क्षेत्र का विकास होगा


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स्टोरी हाइलाइट्स

टाइगर रिजर्व के अधिसूचित बफर क्षेत्र में 79.61309 वर्ग किमी क्षेत्र को विस्तारित करने का प्रस्ताव है..!

भोपाल। प्रदेश के सीधी जिले में स्थित संजय टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र के विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया गया है जिससे बाघों एवं अन्य वन्यप्राणियों के विचरण में सुविधा हो। इस प्रस्ताव को वन्यप्राणी शाखा के प्रमुख शुभरंजन सेन ने सहमति दी है तथा अब राज्य शासन की स्वीकृति अपेक्षित है। टाइगर रिजर्व के अधिसूचित बफर क्षेत्र में 79.61309 वर्ग किमी क्षेत्र को विस्तारित करने का प्रस्ताव है।

तैयार प्रस्ताव में बताया गया है कि 14 साल पहले 7 फरवरी, 2011 को 861.931 वर्ग किमी क्षेत्र को संजय टाइगर रिजर्व के बफर जोन के रूप में अधिसूचित किया गया है, जिसमें 504.645 वर्ग किमी वनक्षेत्र एवं 357.285 वर्ग किमी राजस्व क्षेत्र सम्मिलित है। बफर क्षेत्र के अंतर्गत 4 वन परिक्षेत्र हैं। संजय टाइगर रिजर्व के अंतर्गत वन्यप्राणियों के बेहतर प्रबंधन से बाघों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। बफर परिक्षेत्र ब्यौहारी में वर्तमान में बाघों की संख्या 14 है तथा इस क्षेत्र में बाघों अत्याधिक विचरण है। बाघों एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से संजय टाइगर रिजर्व के अधिसूचित बफर क्षेत्र का बाघ बाहुल्य क्षेत्र में विस्तार किया जाना अत्यंत आवश्यक है। 

संजय टाइगर रिजर्व का परिक्षेत्र ब्यौहारी बफर का शहडोल क्षेत्र बनास नदी के किनारे- किनारे लगभग 1 किमी चौड़ी पट्टिका के रूप में अवस्थित है। परिक्षेत्र ब्यौहारी बफर में वन्यप्राणी बाघों का विचरण अत्याधिक है। बाघों की संख्या अधिक होने एवं परिक्षेत्र की चौड़ाई कम होने के कारण वन्यप्राणी बाघ परिक्षेत्र के वनक्षेत्र से लगे हुए सामान्य वनमण्डल उत्तर शहडोल के वनक्षेत्रों में विचरण करने चले जाते है, तब उनकी निगरानी अत्यधिक कठिन हो जाती है। सामान्य वनमण्डल उत्तर शहडोल का कक्ष क्रमांक आरएफ 59 सीधे कोर क्षेत्र से लगा हुआ है, जो बफर क्षेत्र से लगा हुआ है और इसे बफर क्षेत्र में सम्मिलित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। 

संजय टाइगर रिजर्व के अधिसूचित बफर क्षेत्र में 87 ग्राम निहित हैं। बफर क्षेत्र के विस्तार उपरांत 29 ग्रामों सहित कुल 116 ग्राम होंगे। बफर क्षेत्र के विस्तार में सम्मिलित बीटों में पूर्व से ही अमला पदस्थ है, स्थानातरण उपरांत वन अमला एवं अधोसंरचना बफर क्षेत्र में सम्मिलित हो जायेगा। जिससे अतिरिक्त अमला एवं अधोसंरचना हेतु शासन पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। विधायक ब्यौहारी शरद जुगलाल कोल, ग्राम पंचायत सरवाहीकला, खरपा, आखेटपुर, सनौसी एवं पिपरी की सहमति भी इसके लिये मिल गई है।