मोहन सरकार ने बुधवार 21 जनवरी को देर रात अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह का ट्रांसफर कर दिया। आनंदपुर ट्रस्ट के एक अधिकारी की शिकायत के बाद उन्हें हटा दिया गया। साकेत मालवीय अब अशोकनगर कलेक्टर का चार्ज संभालेंगे। आदित्य सिंह को हटाकर भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर ट्रांसफर कर दिया गया है। जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने देर रात ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए।
आनंदपुर ट्रस्ट के एक अधिकारी ने दिल्ली BJP हाईकमान से अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह की शिकायत की थी। चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद एडमिनिस्ट्रेटिव फेरबदल में कलेक्टर आदित्य सिंह को हटा दिया गया, जिसमें साकेत मालवीय ने अशोकनगर जिले का चार्ज संभाला। नए कलेक्टर के नाम का ऐलान बुधवार देर शाम किया गया। आनंदपुर ट्रस्ट के एक डेलीगेशन ने कलेक्टर आदित्य सिंह की शिकायत सीधे दिल्ली में BJP हाईकमान से की थी। शिकायत सामने आते ही सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और कलेक्टर को हटाने के लिए अंदरूनी कोशिशें तेज कर दीं।
अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को हटाने की मुख्य वजह आनंदपुर ट्रस्ट विवाद है। आनंदपुर ट्रस्ट ने आदित्य सिंह पर 3 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। हालांकि, ट्रस्ट की तरफ से कोई शिकायत या ऑफिशियल लेटर जारी नहीं किया गया है।
दरअसल, मध्य प्रदेश में SIR प्रक्रिया अपने आखिरी दौर में है। सरकार 21 फरवरी तक कलेक्टरों को हटाने का सीधा फैसला नहीं ले सकती। ऐसे में सरकार ने ऑप्शन के तौर पर तीन IAS अफसरों का पैनल बनाकर इलेक्शन कमीशन को भेजा। कमीशन ने साकेत मालवीय के नाम को मंजूरी दी। कलेक्टर मालवीय को व्यापम भोपाल से अशोकनगर कलेक्टर बनाया गया है। आदित्य सिंह की तरह वे भी 2014 बैच के IAS ऑफिसर हैं।
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि IAS आदित्य सिंह को उनके शानदार काम के लिए 25 जनवरी को सम्मानित किया जाना था, लेकिन उससे पहले ही कई आरोपों के बीच उनका ट्रांसफर कर दिया गया। असल में, अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को में SIR के काम में शानदार काम के लिए 25 जनवरी को गवर्नर मंगूभाई पटेल से अवॉर्ड मिलना था।
पुराण डेस्क