भोपाल: प्रदेश में बारुद एवं आतिशबाजी का निर्माण खतरनाक उद्योगों की श्रेणी में शामिल होगा। इससे इसका निर्माण करने वाली इकाईयों को उन सभी सुरक्षा प्रावधानों का पालन करना होगा जिससे इसमें दुर्घटनायें न हों। इसके लिये राज्य के श्रम विभाग ने 27 साल पुराने मप्र कंट्रोल ऑफ इंडस्ट्रियल मेजर एक्सीडेंट हेजार्ड नियम 1999 में बदलाव करने के आशय की अधिसूचना जारी कर दी है तथा ये बदलाव 9 मार्च 2026 के बाद पूरे राज्य में प्रभावशील कर दिये जायेंगे।
इससे बारुद एवं आतिशबाजी के निर्माण की इकाई, खतरनाक रसायन बनाने वाली इकाईयों में शामिल हो जायेगी तथा उक्त नियमों में दिये सुरक्षा मानकों के अनुसार इसका निर्माण करना होगा तथा इसकी सूचना श्रम अधिकारियों को देनी होगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बारुद एवं आतिशबाजी निर्माण करने वाली अनेक इकाईयों में पूर्व में आगजनी की घटना हो चुकी है तथा सैकड़ों जोग अपनी जान गवां चुके हैं। इसका निर्माण करने वाली इकाईयों पर विस्फोटक नियम 2008 तो लागू होते थे परन्तु ये खतरनाक रसायन निर्माण जैसे खतरनाक उद्योगों में शामिल नहीं थे।
डॉ. नवीन आनंद जोशी