मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार, 16 फरवरी से शुरू हुआ, ये सत्र 6 मार्च, 2026 तक चलेगा। 18 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा साल 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह बजट पूरी तरह पेपरलेस होगा।बजट सेशन "वंदे मातरम" के सामूहिक गायन के साथ शुरू हुआ। कार्यवाही पारंपरिक तरीके से शुरू हुई, लेकिन जल्द ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से माहौल गरमा गया। गवर्नर के भाषण के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन में हंगामा हो गया।
बजट सत्र राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू हुआ। हंगामे के बीच गवर्नर ने अपने भाषण में कहा कि देश और राज्य उस मोड़ पर हैं जिसे केंद्र की मोदी सरकार ने "अमृत काल" कहा है। राज्य में इंडस्ट्री के लिए अच्छे माहौल का जिक्र करते हुए उन्होंने भोपाल में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र किया। गवर्नर ने कहा कि 2047 तक मध्य प्रदेश को $2 ट्रिलियन की इकॉनमी बनाने का संकल्प लिया गया है और सरकार इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।
राज्यपाल के अभिभाणण के दौरान ही विपक्ष ने हंगामा शुरु कर दिया। भाषण के दौरान विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायकों ने गवर्नर पर आरोप लगाया कि उन्होंने भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों समेत दूसरे मुद्दों को शामिल नहीं किया। विपक्ष ने दावा किया कि पब्लिक इंटरेस्ट के कई गंभीर मुद्दों को नज़रअंदाज़ किया गया। हंगामे के बीच गवर्नर ने अपना भाषण पूरा किया और फिर सदन से चले गए।
इसके बाद गवर्नर के भाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया, लेकिन विपक्ष ने अपनी बात जारी रखी। आखिर में, कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।नेता विपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से कर्ज पर श्वेत पत्र लाने की मांग की।
नेता विपक्ष उमंग सिंघार ने कहा बजट सेशन में आम जनता से जुड़े कई मुद्दों पर बात होनी चाहिए। भारत सरकार की इम्पोर्ट पॉलिसी से मध्य प्रदेश के किसानों को नुकसान हो रहा है, हालांकि युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का वादा किया गया है।
राज्य में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। पूरे राज्य में लोग गंदा पानी पीने से मर रहे हैं। गर्मियों में पानी का संकट है। सरकार उन्हें फायदा पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए लोन ले रही है। राज्य में क्या हालात हैं? समाज के हर वर्ग को न्याय चाहिए।
कांग्रेस MLA महेश परमार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और हेल्थ सर्विसेज़ चिंताजनक हैं। उन्होंने भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों और दूसरी घटनाओं का ज़िक्र करते हुए सरकार की पॉलिसीज़ पर सवाल उठाए। कांग्रेस MLA दिनेश जैन ने भी भाषण को फॉर्मल बताया और कहा कि पब्लिक इंटरेस्ट के बड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने किसानों की समस्याओं, कर्ज़ और पीने के पानी के संकट को मुख्य मुद्दे बताया।
विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए BJP के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि गवर्नर ने अपने भाषण में सरकार की सभी बड़ी पहल और योजनाओं का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के हित में काम कर रही है और कर्ज़ पूरी तरह से कंट्रोल में है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि सरकार विकास और जनता की भलाई के एजेंडे पर काम कर रही है।
गवर्नर के भाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया, लेकिन विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा। सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा का यह सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस का मंच बन गया, जहां विकास के दावे और जनता की समस्याओं के सवाल टकराए। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर बहस और तेज़ होने की संभावना है।
कुल मिलाकर राज्यपाल का अभिभाषण हंगामे के दौरान ही खत्म हो गया। इसके बाद गवर्नर सदन से चले गए। लेकिन विपक्ष ने हंगामा जारी रखा।
आपको बता दें, कि मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सेशन सोमवार को सुबह 16 फरवरी से शुरू हुआ यह सेशन 6 मार्च, 2026 तक चलेगा।
बजट सेशन के लिए विधानसभा को कुल 3,478 नोटिस मिले हैं। इसके अलावा 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 निजी प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। शून्यकाल में 83 सवाल उठाए जाएंगे। 18 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा साल 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह बजट पूरी तरह पेपरलेस होगा और डिजिटल माध्यम से सदन में पेश किया जाएगा। 16 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक सत्र के दौरान कुल 12 बैठकें तय की गई हैं।
बजट सत्र के भी हंगामेदार होने की उम्मीद है। बजट से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की बैठक हो रही है। विपक्ष के नेता उमंग सिंह ने यह बैठक बुलाई है, जो शाम 7 बजे भोपाल में उनके आवास पर होगी। इस बैठक में बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी। विपक्ष का मुख्य एजेंडा इंदौर में दूषित पानी और छिंदवाड़ा सिरप घोटाला होगा।
पुराण डेस्क