अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 26वां दिन है। युद्ध में खुद को फंसता देख अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 15 पॉइंट का सीजफायर प्लान भेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया है। पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि वह दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में मदद करेगा।
दूसरी तरफ, अमेरिका ईरान के आस-पास अपनी सेना भी बढ़ा रहा है। पहले से ही इस इलाके में करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं । साथ ही करीब 5,000 मरीन (सम्द्री सैनिक) और कई जहाज भी तैनात किए जा रहे हैं।
माना जा रहा है कि ट्रंप एक साथ दोनों रास्ते खुले रखना चाहते हैं अगर बात बनती है तो समझौता, नहीं तो कार्रवाई। हालांकि अभी तक इस 15 पॉइंट के सीजफायर प्लान के पूरे डिटेल्स सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
दूसरी ओर अमेरिका के डिफेंस एक्सपर्ट और व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार रॉबर्ट पेप ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के चारों ओर जाल कसता जा रहा है। ट्रंप ऐसे हालात में फंस सकते हैं, जहां युद्ध धीरे-धीरे और बड़ा होता चला जाता है।
रॉबर्ट पेप ने भारतीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि शुरूआत में छोटे-छोटे हमले किए जाते हैं, लेकिन जब उनसे बड़ा टागरेट हासिल नहीं होता, तो हमले और बढ़ा दिए जाते हैं। इसी को ‘एस्केलेशन ट्रैप’ कहा जाता है, यानी ऐसा जाल जिसमें फंसकर युद्ध लगातार बढ़ता जाता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्ध बढ़ा तो होर्मुज स्ट्रेट पर और गंभीर असर पड़ेगा, जहां से आॅयल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था मुश्किल में पड़ सकती है। पेप के मुताबिक, इस स्थिति में ईरान मजबूत हो सकता है और तेल पर ज्यादा कंट्रोल हासिल कर सकता है। हालात संभालने के लिए इजराइल की सैन्य कार्रवाई को कंट्रोल करना जरूरी है और यह फैसला ट्रम्प ही ले सकते हैं।
पुराण डेस्क