राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए सीबीआई डायरेक्टर के सिलेक्शन पर अपनी असहमति दी है। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई।
राहुल ने कहा कि सीबीआई डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। मैं इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकता। लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं।
प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में भारत के मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। मौजूदा उइक डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को खत्म होने वाला है।
आप अपना उम्मीदवार चुनना चाहते हैं
आपकी सरकार ने बार-बार सीबीआई का दुरुपयोग किया है। यह भारत की प्रमुख जांच एजेंसी हैं, लेकिन आपने इसे राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने में इस्तेमाल किया। संस्थाओं पर ऐसे कब्जे को रोकने के लिए ही चयन समिति में विपक्ष के नेता को शामिल किया जाता है। खेद की बात है कि आपने इस प्रक्रिया में मुझे कोई भी ऐसी भूमिका नहीं दी जो सलेक्शन प्रोसेस को सही बनाए।
जिन उम्मीदवारों को लिस्ट किया गया है। उनकी सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट या 360-डिग्री रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। मुझे ये रिपोर्ट देने से साफ मना कर दिया गया। बिना किसी कानूनी आधार के जानकारी देने से जान-बूझकर मना करना, चयन प्रक्रिया का मजाक उड़ाना है। इससे साफ जाहिर होता है कि सिर्फ आपका पहले से तय उम्मीदवार ही चुना जाए। पिछली दो मीटिंग (5 मई 2025, 21 अक्टूबर 2025) में पीएम को लेटर लिखा था जिसमें निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के लिए उपाय सुझाए थे। आज तक उस लेटर का जवाब नहीं मिला।
पुराण डेस्क