वन ग्रामों को राजस्व ग्राम बनाने की गति धीमी, 551 ग्रामों में ही हुआ स्थल सत्यापन


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स्टोरी हाइलाइट्स

उक्त 792 वन ग्रामों में से 705 वन ग्रामों में वन अधिकार पत्र धारकों की सूची बनाने का कार्य पूर्ण हो गया है परन्तु दावा फार्म भरने की कार्यवाही 432 वन ग्रामों में ही हो पाई है..!!

भोपाल: राज्य सरकार वन विभाग के अधीन बने 792 वन ग्रामों को लम्बे समय से राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया कर रही है लेकिन इसकी गति धीमी है। उक्त 792 वन ग्रामों में से 705 वन ग्रामों में वन अधिकार पत्र धारकों की सूची बनाने का कार्य पूर्ण हो गया है परन्तु दावा फार्म भरने की कार्यवाही 432 वन ग्रामों में ही हो पाई है। 

इसके अलावा, स्थल सत्यापन की कार्यवाही 551 वन ग्रामों में ही पूर्ण हो पाई है। ये 792 वन ग्राम प्रदेश के आठ संभागों यथा उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, इंदौर, नर्मदापुरम, भोपाल एवं रीवा में स्थित हैं तथा इन संभागों के कुल 28 जिलों में बसे हुये हैं। अभी तक वन ग्राम से राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया का कार्य 55 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।