भोपाल: कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार हो रही मौतें वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही हैं। ताजा मामले में किसली जोन के मगरनाला क्षेत्र में सोमवार को एक 4 वर्षीय बाघिन का शव मिलने से हडक़ंप मच गया है। पार्क प्रबंधन टाइगर की मौत की वजह टेरिटरी फाइट बता रहा है।
फील्ड से मिली जानकारी के मुताबिक किसली जोन के मगरनाला क्षेत्र में तीन टाइगर महावीर, बलवान और जेड-वन का मूवमेंट एरिया है। बताते हैं कि टेरिटरी को लेकर 4 वर्षीय मृतक टाइगर जेड-वन की 7-8 दिन पहले मेल टाइगर महावीर से भिड़ंत हुई थी। इस संघर्ष में टाइगर जेड-वन अधिक जख्मी हो गया था। इस घटना के बाद से महावीर और जेड-वन पर नजर रखी जा रही थी। मैदानी अमले की आशंका है कि महावीर के बाद 4 वर्षीय टाइगर जेड-वन की बलवान से आमना-सामना हुआ।
इस लड़ाई के बाद टाइगर जेड-वन अधिक जख़्मी हो गया। सोमवार को उसका शव मगरनाला के पास मिला। मृतक टाइगर के शरीर के कई हिस्सों में नाख़ून के निशान थे। प्रबंधन की ओर से सहायक क्षेत्र निदेशक पीके वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में बाघिन की मौत का कारण आपसी संघर्ष माना जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और वन्यजीव चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया।
बीते 5 महीनों में यह नौवीं घटना
कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 5 महीनों में यह नौवीं घटना सामने आई है, जिससे केटीआर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लगातार हो रही मौतों से न केवल वन विभाग में हडक़ंप की स्थिति है, बल्कि पर्यटकों, गाइडों, जिप्सी चालकों और बफर जोन के ग्रामीणों में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इन घटनाओं का असर पर्यटन पर भी साफ नजर आने लगा है।
अमाही बाघिन का पूरा कुनबा खत्म
इसके पहले कान्हा टाइगर रिजर्व में अमाही बाघिन और उसके चार शावकों की मौत से बाघिन का पूरा कुनबा समाप्त हो गया, जिससे संरक्षण व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। शावकों की मौत के कारणों की जांच अभी जारी है। लेकिन प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अलग-अलग वजहें सामने आई हैं। दो शावकों के पेट खाली मिले, जिससे भूख से मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि अन्य दो शावकों और बाघिन के फेफड़ों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
इनका कहना
किसली के मगरनाला में आपसी फाइट में मृतक टाइगर के शरीर में नाखूनों के गहरे घाव थे। जिससे उसे सिप्टीसीमिया हो गया था। इसके कारण टाइगर की मौत हुई है।
समिता राजौरा, पीसीसीएफ वन्य प्राणी
गणेश पाण्डेय