प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों को भी अपने कचरे का निपटान करना होगा, नहीं तो लगेगा जुर्माना


Image Credit : X

स्टोरी हाइलाइट्स

केंद्र सरकार ने पूरे देश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2025 प्रभावशील कर दिये हैं जिसके तहत कृषि उपज मंडी समितियां, विशेषकर फल एवं सब्जी मंडियां, बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आ गई हैं..!!

भोपाल: अब प्रदेश की 269 कृषि उपज मंडी समितियों को भी अपने कचरे का निपटान करना होगा अन्यथा उन पर जुर्माना लगाया जायेगा। दरअसल केंद्र सरकार ने पूरे देश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2025 प्रभावशील कर दिये हैं जिसके तहत कृषि उपज मंडी समितियां, विशेषकर फल एवं सब्जी मंडियां, बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आ गई हैं। 

इससे अब सभी मंडी समिति सचिवों को अब अपनी मंडी के कचरे से संबंधित आवश्यक अभिलेख एवं आंकड़े संकलित करने होंगे, कचरे का पृथक्करण, संकलन, प्रसंस्करण एवं निस्तारण से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी लेनी होगी, कचरे का निपटान करने वाली एजेंसियों से अनुबंध करने होंगे, कचरे की दैनिक एवं वार्षिक मात्रा का विवरण तैयार करना होगा तथा संबंधित नगरीय निकाय/पंचायत एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के साथ समन्वय स्थापित करना होगा। 

नये नियमों का पालन करने के लिये छह माह का समय दिया गया है तथा इसके लिये राज्य मंडी बोर्ड ने सभी मंडी समितियों के सचिवों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करने की तैयारी प्रारंभ कर दी है। यह प्रशिक्षण नेशनल कौंसिल ऑफ स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोड्र्स नई दिल्ली द्वारा दिया जायेगा।