बरगी डेम में क्रूज के डूबने के बाद लापता लोगों की तलाश में चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन रविवार को पूरा हो गया। रविवार सुबह लापता श्रमिक नेता कामराज आर. का शव निकाला गया। इससे पहले सुबह करीब 6 बजे उनके 8 साल के भतीजे मयूरन की डेडबॉडी मिली थी। वह त्रिची से आया था।
हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले शनिवार शाम 6 बजे दो बच्चों के शव मिले थे। इनमें से एक की पहचान श्रीतमिल पिता कामराज (5) और दूसरे की विराज पिता कृष्ण सोनी (5) के रूप में हुई थी।
हादसे के पहले दिन 4 शव, दूसरे दिन 5, तीसरे दिन 2 और चौथे दिन दो शव मिले। मृतकों में 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जा रहा है।
गाइडलाइन का पालन नहीं
क्रूज संचालन की गाइडलाइन में साफ है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधि के दौरान एक रेस्क्यू टीम अलर्ट मोड में हर वक्त तैनात रहेगी, जो बरगी में कहीं नहीं थी। वीडियो फुटेज में साफ दिखाई देता है कि जब नाव में पानी भरने लगा, तब घबराए पर्यटकों को आनन-फानन में जैकेट बांटी जा रही थी। कई जैकेट सीलबंद थीं और यात्रियों के साइज के अनुसार भी नहीं थीं। दिल्ली से आई एक महिला अपने मासूम बेटे को सीने से चिपकाए रही, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा के अभाव में दोनों की जान नहीं बच सकी।
यह एक्सीडेंट नहीं, मर्डर... हमें न्याय चाहिए
हादसे पर मृतकों के परिजन सवाल उठा रहे हैं। क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले कामराज के निकट संबंधियों ने जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि यह एक्सीडेंट नहीं, मर्डर है। हमें मुआवजा नहीं न्याय चाहिए। अभी तक कितने आफिसर अरेस्ट किए गए, कितने अफसरों को सस्पेंड किया गया और बोट ऑपरेटर को अब तक अरेस्ट क्यों नहीं किया गया?
पुराण डेस्क