अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 32वां दिन हैं। लेबनान के ईरान समर्थक उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने सोमवार को इजराइल के उत्तरी शहर हाइफा में ऑयल रिफाइनरी पर ईरानी मिसाइल से हमला किया। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में एक पेट्रोल टैंक में आग लग गई, जिससे इलाके में घना धुआं फैल गया।
अभी तक यह साफ नहीं है कि आग मिसाइल हमले से लगी या इंटरसेप्ट किए गए मलबे के कारण। एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों की खिड़कियां बंद रखने और बाहर न निकलने की सलाह दी थी।
वहीं, ईरान जंग के बीच फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि ये सभी सुरक्षित हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अमेरिकी हमले में ईरान का विमान डैमेज
ईरान में सोमवार को महान एयरलाइंस का एक प्लेन अमेरिकी हमले में क्षतिग्रस्त हो गया। यह विमान मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा था और नई दिल्ली आने वाला था। इसका मकसद भारत से दवाइयों और दूसरी जरूरी राहत सामग्री लेकर जाना था। हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिका की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दक्षिणी लेबनान में 4 और इजराइली सैनिकों की मौत
इजराइली सेना ने बताया है कि दक्षिणी लेबनान में उसके 4 और सैनिक मारे गए हैं। इनमें दो सैनिकों की उम्र 21 साल थी, एक की उम्र 22 साल थी। 2 मार्च से अब तक दक्षिणी लेबनान में 10 इजराइली सैनिकों की मौत हो चुकी है।
इराकी मिलिशिया बोला- अमेरिकी ठिकानों पर 19 हमले किए
इराक के हथियारबंद संगठन इस्लामिक रेसिस्टेंस इन इराक ने दावा किया कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर 19 हमले किए। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने इराक और क्षेत्र के अन्य हिस्सों में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर ये ऑपरेशन किए। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बढ़ते तनाव के बीच इराकी मिलिशिया की गतिविधियां तेज हुई हैं और वे लगातार अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
रिपोर्ट- होर्मुज बंद रहे तो भी युद्ध खत्म कर सकते हैं ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार हैं, भले ही होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह न खुले। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रम्प और उनके सलाहकारों ने हाल के दिनों में रणनीति पर दोबारा विचार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खुलवाने की कोशिश युद्ध को लंबा खींच सकती है। इसलिए अब बिना इसे पूरी तरह खुलवाए भी युद्ध समाप्त करने का विकल्प देखा जा रहा है।
पुराण डेस्क