सड़क पर आया लालू परिवार का विवाद, रोहिणी आचार्य ने छोड़ा परिवार, भावुक पोस्ट ने मचाई हलचल


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स्टोरी हाइलाइट्स

लालू यादव के परिवार में चल रही उथल-पुथल के बीच, उनकी बेटी रोहिणी आचार्य के भावुक और तीखे सोशल मीडिया पोस्ट ने तनावपूर्ण रिश्तों की परतें खोल दी हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें "गंदी किडनी" कहकर अपमानित किया गया..!!

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल में चल रही अंदरूनी कलह के बीच, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का एक बेहद भावुक और तीखा सोशल मीडिया पोस्ट शनिवार 15 नवंबर को सामने आया। रोहिणी ने दावा किया कि उनके पिता को दान की गई किडनी को "गंदी किडनी" कहकर उनके साथ दुर्व्यवहार और अपमान किया गया। उन्होंने लिखा कि उन पर आरोप लगे कि उन्होंने "टिकट के बदले किडनी ट्रांसप्लांट के लिए करोड़ों रुपये दिए।"

रोहिणी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "कल मेरे साथ बुरा व्यवहार किया गया और मुझे गंदी कहा गया, और मैंने अपने पिता की गंदी किडनी ट्रांसप्लांट करवाई, करोड़ों रुपये लिए, टिकट लिया और फिर गंदी किडनी ट्रांसप्लांट करवा ली।" उन्होंने आगे बताया कि उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सौदेबाज़ी करने के ताने भी सहने पड़े।

रोहिणी आचार्य ने खुलासाकरते हुए कहा, "मुझे गालियाँ दी गईं, चप्पलों से पीटा गया... मैं रोते हुए अपने माता-पिता के घर से निकली।"

पोस्ट में रोहिणी ने विवाहित बेटियों और महिलाओं से एक दर्दनाक अपील करते हुए लिखा, "मैं सभी विवाहित बेटियों और बहनों से कहना चाहती हूँ कि जब आपके माता-पिता के घर में कोई बेटा या भाई हो, तो गलती से भी अपने पिता, जो भगवान के समान हैं, उनको न बचाएँ।"

उन्होंने कहा कि आज की राजनीति ने एक विवाहित बेटी के बलिदान को गलत तरीके से पेश किया है। रोहिणी ने आगे लिखा, "सभी बहनों और बेटियों को अपने परिवार, अपने बच्चों, अपने काम, अपने ससुराल वालों का ध्यान रखना चाहिए, अपने माता-पिता की परवाह किए बिना, और केवल अपने बारे में सोचना चाहिए। मैंने अपने तीन बच्चों, अपने परिवार और अपने परिवार का ध्यान न रखकर, बिना किसी की अनुमति लिए, और अपने पिता को बचाने का विकल्प चुनकर बहुत बड़ा पाप किया है।"

रोहिणी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जीवन के सबसे बड़े बलिदान को उनके खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आगे लिखा, "आप कभी भी मेरे जैसा अपराध न करें, किसी भी घर में रोहिणी जैसी बेटी न हो।"

मीडिया से बात करते हुए रोहिणी ने कहा, "मेरा कोई परिवार नहीं है।अब ये जाकर आप संजय, रमीज़, तेजस्वी यादव से पूछिए। उन्हीं लोगों ने मुझे परिवार से निकाला है क्योंकि उन्हें ज़िम्मेदारी लेनी नहीं है। पूरा देश, पूरी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ।" "मैं सिर्फ भाई से अलग हुई हूं, मैं अपने माता-पिता और बहनों के साथ हूं" 

आपको बता दें, कि लालू परिवार में बढ़ती जा रही अंदरूनी कलह के बीच, रोहिणी आचार्य के बाद तीन और बहनों...रागिनी, चंदा, राजलक्ष्मी ने भी बच्चों के साथ पटना आवास छोड़ दिया है।

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रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में "चाणक्य" शब्द का इस्तेमाल किया। बिहार के राजनीतिक हलकों में तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव को आम तौर पर उनका चाणक्य माना जाता है। यानी वे तेजस्वी यादव और राजद के लिए रणनीति बनाते हैं, उनको पार्टी के अहम फैसलों में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता है।

रोहिणी ने अपने पिता को किडनी दान करने के बाद सुर्खियाँ बटोरीं। रोहिणी आचार्य ने पिछले साल राजद के टिकट पर सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गईं। रोहिणी लालू प्रसाद यादव की नौ संतानों में दूसरी हैं। लालू की सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती हैं।

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लगभग 46 वर्षीय रोहिणी का जन्म 1 जून 1979 को पटना में हुआ था। रोहिणी ने जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस भी किया, हालाँकि उन्होंने कभी मेडिकल की प्रेक्टिस नहीं की। रोहिणी की शादी 24 मई 2002 को सिंगापुर में रहने वाले समरेश सिंह से हुई थी। बताया जाता है कि समरेश सिंह ने सिंगापुर से एमबीए भी किया था और उसी दौरान उन्हें वहीं नौकरी भी मिल गई थी। रोहिणी के ससुराल वाले मूल रूप से औरंगाबाद के पास दौनानगर के रहने वाले हैं और उनका कोई राजनीतिक संबंध नहीं है।

2022 में, जब उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को अपनी किडनी दान की थी, तब रोहिणी ने ट्विटर पर अपनी बचपन की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, "मेरे माता-पिता मेरे लिए भगवान हैं। मैं उनके लिए कुछ भी कर सकती हूँ। आपकी शुभकामनाओं ने मुझे मज़बूत बनाया है। मैं आप सभी का तहे दिल से आभार व्यक्त करती हूँ। मुझे आपका विशेष प्यार और सम्मान प्राप्त है। मैं भावुक हूँ। मैं आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ।" 

सिंगापुर में अपने पिता को किडनी दान करने से पहले, रोहिणी ने कई भावुक ट्वीट किए थे, जिससे पिता-पुत्री के रिश्ते को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई थी। अब उसी रोहिणी ने मौजूदा विवाद के लिए अपने माता-पिता को ज़िम्मेदार ठहराया है और परिवार से अपने रिश्ते खत्म करने की बात कही है।

बहरहाल रोहिणी के हालिया पोस्ट ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान लालू परिवार में बढ़ते तनाव को और उजागर करता है।

रोहिणी आचार्य ने इससे पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए अपने परिवार और राजनीति छोड़ने की मंशा जताई थी। शनिवार को उन्होंने सबसे पहले इंस्टाग्राम पर लिखा, "मैं राजनीति छोड़ रही हूँ और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूँ।" बाद में, हवाई अड्डे पर उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने हार का कारण पूछा तो उन्हें चप्पलों से पीटा गया। फिर, रविवार को रोहिणी ने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया गया, जिसके कारण उन्हें अपने बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ना पड़ा।