भोपाल: राज्य नीति आयोग ने मप्र सरकार के नवाचारों पर फोकस किया है तथा इसके लिये सभी विभाग प्रमुखों एवं जिला कलेक्टरों से उनके यहां हुये या चल रहे नवाचारों की जानकारी भेजने का आग्रह किया है। आयोग ने इन नवाचारों का एक बुलेटिन के माध्यम से प्रकाशन करना भी प्रारंभ कर दिया है।
पिछला बुलेटिन नवम्बर 2025 में प्रकाशित किया गया था जो जल गंगा संवर्धन अभियान पर केंद्रित था। अब नये नवाचारों पर आयोग बुलेटिन प्रकाशित करेगा। इससे सरकारी कार्यालयों के परफार्मेन्स के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकेगी तथा नई नीति निर्धारण में भी सहायता मिलेगी।
पिछले बुलेटिन में 15 विभागों के बारे में बताया गया कि 85 हजार से अधिक खेत तालाब 2 हजार 48 करोड़ रुपये में बनाये गये। एक हजार से अधिक नये अमृत सरोवर 354 करोड़ में निर्मित हुये। 1 लाख 4 हजार कुंओं का 263 करोड़ रुपये व्यय से पुनर्भरण हुआ। शहरी जल प्रबंधन के अंतर्गत 3 हजार 300 से अधिक जलस्रोत पुनर्जीवित किये गये, 2 हजार 200 नालों की सफाई गई तथा 4 हजार वर्षा जल संचयन संरचानयें निर्मित की गईं।
वन विभाग के अंतर्गत ढाई हजार से अधिक जल संग्रहण संरचनायें बनाई गईं और घडिय़ाल व कछुओं का पुनर्वास किया गया। नहर एवं बांध के अंतर्गत 5 हजार 712 किमी नहर सफाई की गई, 2 हजार 974 किमी स्टोन मार्किंग हुई, 261 तालाबों में पाल मरम्मत की गई, 351 पिचिंग/बोल्डर-टो की गई, 428 प्लशबार मरम्मत हुई, 78 बैराज/वियर संरचनात्मक मरम्मत हुई, 652 स्लूस वेल सफाई की गई एवं 784 अतिक्रमण हटाये गये। इसके अलावा 15 हजार से अधिक संरचनाओं को राजस्व रिकार्ड में दर्ज किया गया जिनमें 3 हजार 319 अमृत सरोवर भी शामिल हैं।
डॉ. नवीन आनंद जोशी