सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों की समस्या पर सुनवाई जारी है। इस बीच, कोर्ट ने एक बार फिर साफ़ किया कि सभी पार्टियों को इस मुद्दे पर अपने सुझाव देने का पूरा मौका दिया जाएगा ताकि एक संतुलित और व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।
सुनवाई के दौरान, सीनियर वकील सी.यू. सिंह ने डॉग लवर्स की ओर से केस पेश किया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर आवारा कुत्तों को हटा दिया जाता है, तो इससे चूहों और बंदरों की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे नई और गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मज़ाक में कहा, "बिल्लियों को चूहों का दुश्मन माना जाता है। इसका मतलब है कि अगर चूहों से निपटना है, तो बिल्लियों की संख्या बढ़ानी चाहिए।" सीनियर वकील सी.यू. सिंह ने आगे कहा कि कुत्तों को शेल्टर में बंद करना कोई समाधान नहीं है, क्योंकि इससे दूसरी बीमारियाँ फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा इंतज़ाम समस्या को कम करने के बजाय और बढ़ा सकता है।
सुनवाई के दौरान यह भी तर्क दिया गया कि सरकार के बजट का इस्तेमाल लोगों के लिए घर बनाने जैसे ज़्यादा ज़रूरी प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाना चाहिए। कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने के बजाय, उनकी आबादी को कंट्रोल करने के उपायों पर ध्यान देना ज़्यादा सही होगा।
पुराण डेस्क