भोपाल: 19 मार्च से 30 जून तक वाले जल गंगा अभियान के अंतर्गत प्रदेश की जल संरचनाओं के किनारों पर बफर जोन तैयार किया जायेगा तथा इस जोन में हरित क्षेत्र/पार्क का विकास किया जायेगा। इसके अलावा, जल संरचनाओं के किनारों पर अतिक्रमण को रोकने के लिये फेंसिंग के रुप में वृक्षारोपण किया जायेगा। इसके निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संबंधित विभाग प्रमुखों को जारी कर दिये हैं।
निर्देश में कहा गया है कि जल संरचनाओं के आसपास किसी भी प्रकार का सूखा अथवा गीला कचरा फेंकना प्रतिबंधित किया जाये तथा यदि पूर्व से कचरा पाया जाता है तो उसे हटाया जाये तथा प्रतिबंध संबंधी सूचना बोर्ड लगाया जाये। इस अभियान के तहत होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति विभागीय बजट, सांसद/विधायक निधि, जनभागीदारी तथा कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी से की जायेगी।
इस अभियान के तहत सभी जल संरचनाओं एवं जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन तथा पुनर्जीवन हेतु विशेष कार्य किये जायेंगे। सम्पूर्ण नहर प्रणाली में घास, झाड़ी, छोटे पेड़-पौधे आदि की सफाई भी करना होगी। भू-जल स्तर को बढ़ाने हेतु समस्त निर्माणाधीन/निर्मित भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग कार्य भी आवश्यक रुप से कराने होंगे।
डॉ. नवीन आनंद जोशी