हाईकोर्ट से एपीसीसीएफ कमोलिका मोहन्ता को नहीं मिली राहत, 16 को हाजिर होने के निर्देश


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स्टोरी हाइलाइट्स

न्यायालय की अवमानना पर न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने शुक्रवार को अदालत में हाजिर होने के निर्देश दिए थे किन्तु वे उपस्थित नहीं हुईं..!!

भोपाल: डीपीसी में योग्य पाए गए 73 डिप्टी रेंजर्स को रेंजर का प्रभार दिए जाने के उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्देश का पालन नहीं करने के मामले में एपीसीसीएफ कमोलिका मोहन्ता को कोई राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट जबलपुर ने 16 को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।

न्यायालय की अवमानना पर न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने शुक्रवार को अदालत में हाजिर होने के निर्देश दिए थे किन्तु वे उपस्थित नहीं हुई। शुक्रवार को एपीसीसीएफ मोहन्ता की ओर से अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए आवेदन दिया। इस पर सुनवाई करते हुए एपीसीसीएफ मोहन्ता गैरहाजिर रहने पर न केवल नाराजगी जताई, बल्कि  याचिकाकर्ता को डिप्टी रेंजर्स को तत्काल कार्यवाहक उच्च पद का प्रभार दिए जाने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश पर वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन 38 डिप्टी रेंजर्स को रेंजर का प्रभार देने का आदेश जारी कर दिया।

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सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि उन्हें यह बताया गया है कि अधिकारियों द्वारा 6अप्रैल 26 को उनके द्वारा पारित पूर्व आदेशों को रद्द करने का आदेश पारित किया गया है। हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील ने इस आधार पर इसका कड़ा विरोध किया है कि केवल दो आदेश वापस लिए गए हैं, जो 6 अप्रैल 26 से प्रभावी हैं। दिनांक 24 नवंबर 2025 का तीसरा आदेश अभी भी लागू है, जो मामले में अवमानना ​​को और बढ़ा रहा है। इन परिस्थितियों में न्यायालय आवेदन को स्वीकार करना उचित नहीं समझता है। चूंकि प्रतिवादी शुक्रवार को इस न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हैं, इसलिए उन्हें 16 अप्रैल 26 को इस न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया जाता है।