घर में सकारात्मक शक्तियां होने से घर में सुख-समृद्धि आती है और इस सकारात्मकता का प्रवाह जब होता है तो व्यक्ति की हर क्षेत्र में उन्नति होती है। वह लगातार हर क्षेत्र में तरक्की करता है। तरक्की करता है तो धन की कमी नहीं होती।

कई बार हमारे ना चाहने पर भी नकारात्मकता यानी की नेगेटिव एनर्जी हमारे जीवन में आ जाती है जिसके कारण हम अपने कार्य पर पूर्णतः ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसी नेगेटिविटी के कारण हम पीछड़ जाते हैं और निराशा हमारे हाथ लगती है। तो आइए जानते हैं अपने जीवन से कैसे निराशा यानी नकारात्मकता को दूर करें और तरक्की करें

घर में कहीं से लौटकर आएं या ऑाफिस में प्रवेश करें, तो हमेशा दायां पैर आगे रखें। वास्तु के अनुसार यह बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे सकारात्मक उर्जा का प्रवेश आपके साथ होता है और आपकी सफलता का मार्ग आपके आगे-आगे बनता चलता है।

पोंछा तो हम ससभी अपने घरों में लगाते हैं, लेकिन हम शायद कुछ बातों का ध्यान नहीं रखते जिन्हें हमें ध्यान में रखना चाहिये। जैसे की हमें हमेशा पोंछे के पानी में समुद्री नमक डालकर ही पोंछा लगाना चाहिये। इससे भी ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है की हमें हमेशा पोंछा लगाने के बाद गंदे पानी को घर में वापस लेकर नहीं आना चाहिये। क्योंकि ऐसा करने से घर से निकली गंदगी और नकारात्मकता वापस घर में आ जाती है। हमेशा गंदे पानी को घर के बाहर ही उड़ेलना चाहिये।

वास्तुशास्त्र के अनुसार, प्रतिदिन सुबह घर के मुख्य द्वार पर हल्दी वाले पानी के छींटे मारना चाहिये। इससे घर में संपन्नता आती है और शुभता भी आती है। अगर हर दिन ऐसा नहीं कर पाएं तो गुरुवार को भी यह उपाय कर सकते हैं। इससे गुरु ग्रह का शुभ प्रभाव प्राप्त होता है जिन्हें ज्योतिषशास्त्र में धन वैभव दायक ग्रह कहा गया है।

वास्तु विज्ञान के अनुसार घर में अनजाना भय, मानसिक उलझन और नकारात्मक विचारों का प्रवाह हो गया है तो हर शाम 4 कपूर जलाकर घर के हर कमरे में दिखाएं। कोशिश करें कि कूपर का धुआं घर के हर कोने तक पहुंचे। अगर जरूरत हो तो और कपूर इस्तेमाल कर सकते हैं। थाली में पान के पत्ते पर कपूर जलाकर धुआं दिखाना ज्यादा प्रभावी होगा।

घर के मुख्य द्वार पर हर सुबह रंगोली बनाएं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि जिन घरों में मुख्य द्वार पर रंगोली बना होता है वहां नित लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे घरों पर नकारात्म उर्जा का संचार नहीं होता है और उन्नति का साधन मिलता रहता है। लोग कम बीमार होते हैं और गैर जरूरी खर्चों में कमी आती है जिससे जमा धन बढ़ता है। अगर हर दिन रंगोली बनाना कठिन हो तो रंगोली डिजाइन का प्रयोग किया जा सकता है।