प्रदेश के कारखानों में गर्भवती या स्पतनान कराने वाली महिला तरुण एवं बालकों के नियोजन पर प्रतिबंध लगाया


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स्टोरी हाइलाइट्स

अब किसी भी महिला को किन्हीं गर्भवस्था के दौरान और प्रसव के बाद छह माह तक स्तनपान की अवधि तक कारखानों में नौकरी से वंचित भी नहीं किया जायेगा..!!

भोपाल: राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर प्रदेश के कारखानों में किसी भी गर्भवती या स्पतनपान कराने वाली महिला, तरुण एवं बालक के नियोजन पर प्रतिबंध लगा दिया। यही नहीं, अब किसी भी महिला को किन्हीं गर्भवस्था के दौरान और प्रसव के बाद छह माह तक स्तनपान की अवधि तक कारखानों में नौकरी से वंचित भी नहीं किया जायेगा। इन प्रावधानों को 64 साल पहले बने मप्र कारखाना नियम 1962 में संशोधन कर लागू कर दिया गया है।

नये संशोधनों के अनुसार, अब कारखानों में उक्त वर्ग के व्यक्तियों को सीसे, पैट्रोल गैस, मेंगनीज, पत्थर काटने की मशीन, खतरनाक कीटनाशक उत्पादन आदि की किसी भी प्रक्रिया में नहीं लगाया जा सकेगा। यह कार्यवाही उक्त वर्ग के व्यक्तियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए की गई है तथा ये प्रावधान उन्हें रसायनों से जुड़ी खतरनाक प्रक्रियाओं में काम करने से विशेष रूप से प्रतिबंधित करती है।