महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हुए।
अजीत पवार की बुधवार 28 जनवरी की सुबह एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई। गुरुवार 29 जनवरी को बारामती में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन के बारामती के लोग उमड़ पड़े। हर कोई बारामती के इस 'हीरो' को श्रद्धांजलि दे रहा था।
अजित पवार के अचानक निधन के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक, सभी ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। साथ ही उनकी याद में एक स्मारक बनाने की भी घोषणा की है।
पवार की बहन सुप्रिया सुले उनकी मौत की खबर से बहुत दुखी हैं। वह उनके अंतिम संस्कार में काफी इमोशनल दिखीं।
अजीत पवार की अंतिम यात्रा उनके कटेवाड़ी घर से शुरू हो गई है। उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है। करीब छह किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद शवयात्रा श्मशान घाट पहुंची।
अजीत पवार के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) विदित दिलीप जाधव का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। अजीत पवार के साथ प्लेन क्रैश में विदित दिलीप जाधव की भी मौत हो गई थी।
बताया जा रहा है, कि जांच एजेंसियों को प्लेन का ब्लैक बॉक्स मिल गया है, तो माना जा रहा है कि हादसे की असली वजह का पता चल जाएगा।
पुराण डेस्क