टाइगर स्टेट में बाघ की मौतों पर हाई कोर्ट सख्त, केंद्र, स्टेट और एनटीसीए को नोटिस


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स्टोरी हाइलाइट्स

बांधवगढ़ में एक और बाघ की मौत, अंबाड़े ने गठित की SIT..!!

भोपाल। “टाइगर स्टेट” में साल 2025 के दौरान 54 बाघों की मौत और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 19 दिन में 4 टाइगरों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। राज्य में बाघों की मौत पर हाईकोर्ट जबलपुर के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की अदालत ने केंद्र व राज्य सरकार के साथ नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी (NTCA) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। बांधवगढ़ में मंगलवार को एक और टाइगर की मौत पर वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े ने एसआईटी गठित कर दी है। 

वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने मप्र हाईकोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका को गंभीरता से लेते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की अदालत ने केंद्र व राज्य सरकार के साथ नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी (NTCA) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी और अधिवक्ता अलका सिंह ने पक्ष रखा। 

याचिकाकर्ता का कहना है कि साल 1973 में शुरू हुए प्रोजेक्ट टाइगर के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक राज्य में एक ही वर्ष में इतनी अधिक टाइगर मौतें दर्ज की गई हैं। जनवरी 2025 से 19 दिसंबर 2025 तक की यह संख्या अब तक की सबसे ज्यादा वार्षिक मौतों का रिकॉर्ड बन चुकी है। याचिका में दुबे ने कहा है कि 2025 में मध्यप्रदेश में 54 टाइगर मौतें, प्रोजेक्ट टाइगर के बाद सबसे ज्यादा। इस रिपोर्ट में कहा गया कि टाइगर संख्या बढ़ने के दावों के पीछे पोचिंग, करंट, रेल हादसे और रहस्यमयी मौतों की भयावह सच्चाई छिपी है।

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बांधवगढ़ में सबसे ज्यादा ‘अप्राकृतिक’ मौतें

याचिकाकर्ता के अनुसार दुनिया में सबसे अधिक टाइगर घनत्व वाले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ही लगभग 57% टाइगर मौतें अप्राकृतिक बताई गई हैं।ये मौतें शिकार (Poaching), करंट लगने और संदिग्ध परिस्थितियों में हुईं थीं। हाल ही में उमरिया जिले के चंदिया रेंज में बिजली लाइन के पास टाइगर का शव मिलने से इलेक्ट्रोक्यूशन की आशंका जताई गई। 20 जनवरी मंगलवार को एक और फीमेल टाइगर की मौत हो गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर बीट के गुरुवाही गांव के पास 5 वर्षीय फीमेल टाइगर की मौत हो गई है। पार्क प्रबंधन ने टाइगर की मौत का कारण आपसी द्वन्द बताया है। 

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वन संरक्षक की अध्यक्षता में एसआईटी गठित

वन बल प्रमुख एवं वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट वीएन अंबाड़े ने वन संरक्षक शहडोल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसटीएस) गठित की है। अंबाड़े ने कमेटी को 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिये हैं। कमेटी में प्रभारी स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स भोपाल, डीएफओ अनूपपुर और वकील एवं मानसेवी वन्य प्राणी अभिरक्षक सुश्री मंजुला श्रीवास्तव को शामिल किया है। विशेष जांच दल द्वारा सभी मृत्यु की घटनाओं की तथ्यात्मक तथा विस्तृत जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी। 

हर साल बढ़ रही मौतों की संख्या

2021: 34 मौतें
2022: 43 मौतें
2023: 45 मौतें
2024: 46 मौतें
2025: 54 मौतें

जनवरी में अकेले बांधवगढ़ में चार मौत