राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ संसद के बजट सत्र का आगाज़


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स्टोरी हाइलाइट्स

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए यूनियन बजट पेश करेंगी, यह उनका लगातार नौवां बजट होगा..!!

संसद का बजट सत्र 28 जनवरी बुधवार को प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। दो चरणों में होने वाला यह सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा, इसमें कुल 30 बैठकें होंगी।1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा।

पिछले बजट में सरकार ने 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी थी। अब कारोबारी, किसानों, टैक्सपेयर्स और युवा,हर किसी की नजर इस बात पर है कि उनके लिए इस बार बजट में क्या नया निकलकर आता है।

इकोनॉमिक सर्वे 2026-27, 29 जनवरी को पेश किया जाएगा। चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर वी. अनंत नागेश्वरन इसे पार्लियामेंट के दोनों हाउस में पेश करेंगे।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का यूनियन बजट 1 फरवरी को पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा।

बजट का लाइव ब्रॉडकास्ट संसद टीवी और दूरदर्शन, संसद टीवी यूट्यूब, डीडी और पीआईबी चैनल पर देख सकते हैं। 

RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बताया कि बजट 2026-27 में इंडियन इकोनॉमी को और ज़्यादा मज़बूत बनाने के लिए लॉन्ग-टर्म विज़न पर फोकस करने की ज़रूरत है।

संसद पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपना भाषण शुरू किया।

संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा मेरी सरकार दलितों, पिछड़े, पिछड़े वर्गों और आदिवासी समुदायों के वेलफेयर के लिए पूरे कमिटमेंट के साथ काम कर रही है। यह सरकार सोशल वेलफेयर के लिए कमिटेड है। साल 2047 तक एक विकसित भारत की ओर यात्रा के लिए 2026 एक बड़ा आधार है। यह साल 2047 तक एक विकसित भारत की ओर यात्रा के लिए एक बड़ा आधार है।

मिशन मोड में चलाए गए अभियान के कारण जापानी इंसेफेलाइटिस जैसे रोगों की रोकथाम की जा सकी है। पिछले वर्ष में भारत ने रिकॉर्ड साढ़े तीन सौ मिलियन टन अनाज का उत्पादन किया है, हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी बना।
भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचना एक ऐतिहासिक यात्रा का आरंभ है।