भोपाल: राज्य सरकार ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जलप्रदाय से हुई कथित 38 मौतों की जांच के लिये उच्च न्यायालय इंदौर खण्डपीठ के निर्देश पर रिटायर्ड हाईकोर्ट जज सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित कर दिया है जो चार सप्ताह में अपनी अंतरिम रिपोर्ट देगा। यह जांच आयोग इन बिन्दुओं पर जांच करेगा : एक, क्या भागीरथपुरा में आपूर्ति किया गया पेयजल प्रदूषित था?
दो, प्रदूषित पेयजल का स्रोत और प्रकृति (सीवेज का प्रवेश, औद्योगिक डिस्चार्ज, पाईप लाईन क्षति आदि)। तीन, सार्वजनिक स्वास्थ्य की स्थिति जिसमें दूषित पेयजल के कारण प्रभावित निवासियों की मृत्यु की वास्तविक संख्या, रिपोर्ट की गई बीमारी की प्रकृति, मेडिकल रिस्पांस एवं निवारण उपायों की पर्याप्ता, सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिये तत्काल उठाये जाने वाले आवश्यक कदम, दीर्घकालिक अधोसंरचना एवं निगरानी सुधारों हेतु सुझाव, भागीरथपुरा जल प्रदूषण घटना के लिये प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाये गये अधिकारियों एवं पदाधिकारियों की पहचान करना और उन पर जिम्मेदारी तय करना, प्रभावित निवासियों में विशेष रुप से कमजोर वर्गों को मुआवजे के लिये दिशा-निर्देशों का सुझाव देना शामिल है। इंदौर संभागायुक्त इस जांच आयोग को कार्यालय हेतु स्थान, कर्मचारी और लॉजिस्टिक संबंधी सहायता उपलब्ध करायेंगे।
डॉ. नवीन आनंद जोशी