भोपाल: राज्य सरकार ने मप्र में भी डिजिटल करेंसी व्यवस्था लागू कर दी है। इसमें लेन-देन के लिये बैंक खाता नहीं खोलना होगा तथा सिर्फ गूगल प्ले स्टोर से वालेट डाउनलोड करना होगा। फिलहाल यह सरकारी योजनाओं में हितग्राहियों को सीधे भुगतान हेतु लागू किया गया है। राज्य के वित्त विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों एवं जिला कलेक्टरों को इस संबंध में दिशा-निर्देश लागू कर दिये हैं।
दिशा-निर्देश में बताया गया है कि यह एक विकल्प होगा तथा इसे सेन्ट्रल बैंक डिजिटल करेंसी नाम दिया गया है जिसमें 15 बैंक जुड़े हैं जिनमें शामिल हैं : एसबीआई, आईसीआईसीआई, आईडीएफसी फस्र्ट बैंक, यस बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिन्द्रा बैंक, सेन्ट्रल बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, पीएनबी, फेडरल बैंक, कर्नाटका बैंक तथा इण्डियन बैंक। इसके लिये हितग्राही के पास स्मार्ट फोन होना जरुरी होगा जिसका ईकेवायसी करना होगा। भविष्य में डिजिटल करेंसी व्यवस्था को राज्य सरकार के आईएफएमआईएस से भी एकीकरण किया जायेगा।
क्या होती है डिजिट करेंसी:
डिजिटल करेंसी पैसे का एक इलेक्ट्रॉनिक रूप है, जो भौतिक नोटों या सिक्कों के बजाय कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से काम करती है, जिसे डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है और यह तुरंत, सुरक्षित लेनदेन की सुविधा देता है। इसका उपयोग ऑनलाइन खरीदारी, सेवाओं के भुगतान और पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया जा सकता है।
डॉ. नवीन आनंद जोशी