भोपाल: राज्य में अब तक खनिज के परिवहन की जांच हेतु बनी जांच चौकियों पर ही अवैध गतिविधियों पर कार्यवाही की जाती थी लेकिन अब इसमें सूचना प्रौद्योगिकी आधारित चेक गेटों को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिये राज्य सरकार ने मप्र खनिज अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण नियम 2022 में संशोधन कर नया प्रावधान जारी कर दिया है।
नियमों में कतिपय अन्य नये प्रावधान भी किये गये हैं। अब राज्य शासन द्वारा पंजीकृत वाहन पर वाहन के स्वामी के व्यय से सूचना प्रौद्योगिकी आधारित यंत्र (जीपीएस) स्थापित किया जायेगा जिसका रखरखाव वाहन स्वामी द्वारा किया जायेगा। यदि वाहन में लगा यह यंत्र निष्क्रिय या क्षतिग्रस्त पाया जाता है तो खनिजों के परिवहन हेतु उपयोग में लाये गये ऐसे वाहन को प्रतिबंधित किया जा सकेगा या उसका पंजीयन निरस्त कर दिया जायेगा और संबंधित जिले का कलेक्टर ऐसे वाहन को जब्त करने के निर्देश जारी कर सकेगा।
इसी प्रकार, चेक गेटों से प्राप्त जानकारी के विश्लेषण उपरान्त, यदि खनिज परिवहन में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो वाहन स्वामी के विरुध्द दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। जब्त किये गये वाहन को सुपुर्दगी में छोडऩे के लिये ट्रेक्टर ट्राली हेतु 50 हजार रुपये, टु एक्सल छह पहिया वाहन हेतु डेढ़ लाख रुपये, हाइड्रोलिक डम्पर छह पहिया वाहन हेतु 2 लाख रुपये, थ्री एक्सल दस पहिया वाहन हेतु 3 लाख रुपये, 4-6 एक्सल जोकि दस पहिया से अधिक के वाहन होते हैं, हेतु 4 लाख रुपये, जेसीबी हेतु 2 लाख रुपये, पोकलेन हेतु 4 लाख रुपये तथा अन्य उपकरण अथवा औजार हेतु उनके औसत बाजार मूल्य के दस प्रतिशत के बराबर की राशि वसूली जायेगी।
डॉ. नवीन आनंद जोशी