अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाला हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और वअए जैसे गल्फ देशों के नेताओं ने बातचीत को मौका देने के लिए कुछ दिन का समय मांगा था।
ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि घड़ी तेजी से चल रही है और अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो गंभीर नतीजे होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जर्मनी स्थित अमेरिकी ठिकानों से हथियार लेकर दर्जनों कार्गो विमान इजराइल पहुंचे हैं। वहीं नेतन्याहू और ट्रम्प ने संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर बातचीत की।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि गंभीर बातचीत चल रही है और ऐसा समझौता हो सकता है, जिसे अमेरिका और पश्चिम एशिया के देश स्वीकार कर सकें। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डेनियल केन और अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि मंगलवार को प्रस्तावित हमला नहीं किया जाएगा।
हालांकि ट्रम्प ने साफ किया कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़े स्तर के हमले के लिए तैयार रहेगी। ट्रम्प ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में सबसे अहम शर्त यह होगी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।
होर्मुज में बढ़ा संकट, 1500 कारोबारी जहाज फंसे
ईरान तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन पर 20 हजार से ज्यादा नाविक मौजूद हैं। एक्सपर्ट्स ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बताया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए नई अथॉरिटी बना दी है। ईरान ने कहा है कि अब इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को उसकी अनुमति लेनी होगी।
पुराण डेस्क