मप्र में मनरेगा जॉबकार्ड धारियों की ईकेवासी कार्य अत्यंत धीमा


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स्टोरी हाइलाइट्स

केंद्र सरकार ने पूरे देश के मनरेगा के तहत कार्यरत मजदूरों की ईकेवायसी दिसम्बर 2025 तक करने के निर्देश दिये हैं तथा राष्ट्रीय स्तर पर 64.66 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों की ईकेवायसी हो चुकी है लेकिन मप्र में इसका प्रतिशत मात्र 33.25 प्रतिशत ही है तथा मप्र का इसमें स्थान अंतिम तीन राज्यों में स्थान है..!!

भोपाल: मप्र में मनरेगा जिसे संसद में एक विधेयक लाकर जी राम जी नाम दिया गया है, के जॉब कार्ड धारियों की आधार से जरिये ईकेवायसी करने का कार्य अत्यंत धीमा है। केंद्र सरकार ने पूरे देश के मनरेगा के तहत कार्यरत मजदूरों की ईकेवायसी दिसम्बर 2025 तक करने के निर्देश दिये हैं तथा राष्ट्रीय स्तर पर 64.66 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों की ईकेवायसी हो चुकी है लेकिन मप्र में इसका प्रतिशत मात्र 33.25 प्रतिशत ही है तथा मप्र का इसमें स्थान अंतिम तीन राज्यों में स्थान है। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने सभी जिला पंचायतों के सीईओ को निर्देश दिये हैं कि अगले पन्द्रह दिनों में वे ईकेवायसी करने की प्रगति दर्ज करायें।

स्वारोजगार का देंगे प्रशिक्षण :

केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट उन्नति के तहत विगत तीन वर्षों के किसी वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत 60 से 100 दिवस की मजदूरी करने वाले परिवारों के अधिकतम दो सदस्यों को कौशल प्रशिक्षण द्वारा स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा। मप्र को इसके लिये 6 हजार 395 व्यक्तियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य मिला है। एसीएस ने पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर मनरेगा साफ्टवेयर में इसे दर्ज करने सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को दिये हैं।

बनाया रोड इन्फारमशन पोर्टल :

राज्य में मनरेगा योजनान्तर्गत अधोसंरचना/सडक़ कार्यों हेतु रोड इन्फरमशन एण्ड मेनेजमेंट सिस्टम का पोर्टल विकसित किया गया है तथा अब इसके लिये ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण के सहयोग से प्रशिक्षण कर्यक्रम आयोजित किया जायेगा।