भोपाल: राज्य सरकार ने तीन माह बाद उस प्रावधान को लागू कर दिया है जिसमें नगरीय क्षेत्रों से सटे उप नगरीय क्षेत्रों में कम परमिट शुल्क पर सिटी बसें चलाई जा सकें। उप नगरीय मार्गों पर 150 रुपये प्रति सीट प्रति त्रैमास परमिट शुल्क लगेगा। स्टेट कैरेज यानि ऐसी यात्री बसें जो किसी गंतव्य पर रास्ते में अन्य स्थानों पर रुकते हुये जाती है, के लिये अस्थाई के बजाये स्थाई परमिट लेने के लिये प्रोत्साहित करने हेतु भी नया प्रारवाान किया गया है जिसके अंतर्गत 100 किमी तक 200 रुपये प्रति सीट प्रति माह लिया जायेगा जबकि 100 किमी से अधिक के रुट पर प्रति 10 किमी के लिये 12 रुपये प्रति सीट प्रति माह लिया जायेगा।
इसी प्रकार, साढ़े सात हजार किलोग्राम तक भार वाले मालयानों के लिये पूर्ण निर्मित बाडी युक्त मालयान के लिये वाहन के मानक मूल्य का 8 प्रतिशत एवं चेसिस हेतु 9 प्रतिशत टैक्स लिया जायेगा जबकि साढ़े सात हजार किलोग्राम से अधिक भार वाले मालयानों से फूल बाडी युक्त होने पर 5 प्रतिशत एवं चेसिस हेतु 6 प्रतिशत टैक्स लिया जायेगा। राज्य के परिवहन विभाग ने उक्त प्रावधान लागू करने के संबंध में दो स्पष्टीकरण भी जारी किये हैं।
एक, किसी यात्री बस की कुल बैठक क्षमता वह मानी जायेगी जिसके पंजीयन प्रमाण-पत्र में उसकी बैठक क्षमता, स्टेंडिंग क्षमता का योग होगा तथा ऐसे वाहन के लिये मोटरयान कर, वाहन के पंजीयन प्रमाण-पत्र में दर्ज कुल बैठक क्षमता में से ड्राईवर सीट घटाने के उपरान्त शेष बैठक क्षमता पर कर की गणना की जायेगी। दो, माल वाहन के चेसिस की दशा में, निर्धारित मोटरयान कर, मालयान के चेसिस के मानक मूल्य पर ही उद्ग्रहणीय होगा।
डॉ. नवीन आनंद जोशी