नया बदलाव : वनरक्षक के पद पर भर्ती हेतु गर्भवती महिला को पुन: मौका मिलेगा


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स्टोरी हाइलाइट्स

नये बदलाव में कहा गया है कि शारीरिक परीक्षण के परिणाम स्वरुप यदि कोई महिला अभ्यर्थी 12 सप्ताह या उससे अधिक की अवधि की गर्भवती पाई जाती है, तो बच्चे के जन्म होने तक उसे अस्थाई रुप से अनुपयुक्त घोषित किया जायेगा..!!

भोपाल: राज्य सरकार ने वनरक्षकों की भर्ती में महिला उम्मीदवारों के लिये मप्र तृतीय श्रेणी अलिपिकीय वर्गीय वन सेवा भर्ती नियम 1999 में नया बदलाव किया है जिसके तहत अब महिला आवेदक के गर्भवती होने पर उसे भर्ती हेतु पुन: मौका दिया जायेगा। 

नये बदलाव में कहा गया है कि शारीरिक परीक्षण के परिणाम स्वरुप यदि कोई महिला अभ्यर्थी 12 सप्ताह या उससे अधिक की अवधि की गर्भवती पाई जाती है, तो बच्चे के जन्म होने तक उसे अस्थाई रुप से अनुपयुक्त घोषित किया जायेगा तथा प्रसूति की तारीख से छह सप्ताह के पश्चात रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी से उपयुक्तता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर, भर्ती के लिये उस अभ्यर्थी का पुन: परीक्षण किया जायेगा।

भर्ती नियमों में दूसरा नया प्रावधान यह भी किया गया है कि अब वनरक्षक के पद पर भर्ती के लिये अधिसूचित प्रत्येक श्रेणी में रिक्तियों की संख्या के अनुसार अभ्यर्थियों की संख्या के पांच गुना अभ्यर्थियों को योग्यता के अनुसार शारीरिक माप और पैदल चाल परीक्षण के लिये बुलाया जायेगा। 

इसके अलावा, अब वन विभाग में सीधी भर्ती के नियमित पदों के समकक्ष संविदा पदों पर 5 वर्ष निरन्तर सेवा पूर्ण करने वाले संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों को भर्ती परीक्षा में पचास प्रतिशत का आरक्षण दिया जायेगा।