नया प्रावधान : अब ग्रीन बिल्डिंग बनाने पर मिलेगा 3 से 5 प्रतिशत का अतिरिक्त एफएआर


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स्टोरी हाइलाइट्स

ग्रीन बिल्डिंग उसे माना जायेगा जोकि ऊर्जा कुशल यानि नवकरणीय ऊर्जा का उपयोग करता हो और पर्यावरण अनुकूल हो अर्थात ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए डिजाइन और संचालन हो..!!

भोपाल: अब वाणिज्यिक भवनों एवं कार्यालयों भवनों का ग्रीन बिल्डिंग के रुप में निर्माण करने पर बेस एफएआर पर 3 से 5 प्रतिशत अतिरिक्त एफएआर दिया जायेगा। यह नया प्रावधान नगरीय प्रशासन विभाग ने भूमि विकास नियम 2012 में बदलाव कर जारी किया है तथा यह नया प्रावधान जल्द पूरे प्रदेश में प्रभावशील हो जायेगा। 

ग्रीन बिल्डिंग उसे माना जायेगा जोकि ऊर्जा कुशल यानि नवकरणीय ऊर्जा का उपयोग करता हो और पर्यावरण अनुकूल हो अर्थात ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए डिजाइन और संचालन (जैसे बेहतर लाइटिंग, वेंटिलेशन), जल के उपयोग को कम करने और जल पुनर्चक्रण के तरीकों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करना, निर्माण और संचालन के दौरान उत्पन्न कचरे का उचित निपटान और कमी, साइट चयन और योजना जो पर्यावरण पर प्रभाव को कम करती है।

पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ सामग्रियों का उपयोग, इमारत के भीतर रहने वालों के स्वास्थ्य और आराम (जैसे हवा की गुणवत्ता) को सुनिश्चित करता हो। ग्रीन बिल्डिंग होने का प्रमाणन गृह, आईजीबीसी(इण्डियन ग्रीन बिडिंग कौंसिल)/एलईईडी(लीडरशिप इन एनर्जी एण्ड एनवायरमेंटल डिजायन) या संघ/राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था से कराना होगा। गृह 4 स्टार/आईजीबीसी गोल्ड/एलईईडी गोल्ड या समान रेटिंग प्रमाणन पर 3 प्रतिशत तथा गृह 5-स्टार/आईजीबीसी प्लैटिनम/एलईईडी प्लैटिनम रैटिंग पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त एफएआर दिया जायेगा।