भोपाल: दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़ी योजनायें जिनमें अन्य सरकारी वैकल्पिक बजट नहीं है, उनके लिये अब राज्य दिव्यांग सहायता निधि पर मिले ब्याज से दिव्यंगजनों को पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन करने पर मदद देने की तैयारी है। इसे लिये राज्य के सामाजिक न्याय विभाग ने प्रावधान जारी कर दिया है तथा जल्द ही इसे लागू कर दिया जायेगा।
ये सहायतें दी जायेंगी :
एक, प्रदर्शनियां, कार्यशालायें, कला एवं खेल गतिविधियां, खेल एवं कला संबंधित राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय यात्रायें आदि गतिविधियों को प्रदर्शित करने हेतु आयोजन के सहायतार्थ अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि प्रति वर्ष एक सेवाभावी संस्था को एक बार।
दो, खेल या कला-संगीत-नृत्य में उत्कृष्टता-राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व के लिये कुशल दिव्यांग व्यक्तियों को राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी हेतु प्रति वर्ष एक दिव्यांग को एक बार अधिकतम 2 लाख रुपये की राशि।
तीन, उच्च सहायता आवश्यक्तायें संबंधी किसी दिव्यांग व्यक्ति को तात्कालिक रुप से स्वास्थ्य सहायता, सहायक उपकरणों का वितरण, मरम्मत आदि के लिये अधिकतम 2 लाख रुपये की सहायता।
चार, शैक्षणिक/तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्टता-राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन/संगोष्ठी/सेमिनार में शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिये अधिकतम 2 लाख रुपये की राशि।
पांच, दिव्यांगों के लिये वृह़द स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों यथा पर्पल फेस्ट, रोजगार मेला, प्रदर्शनी, अन्य दिव्यांग मेला के आयोजन हेतु 10 लाख रुपये की मदद।
छह, खेल आयोजनों में यात्रा, बोर्ड और आवास-केंद्र/अन्य राज्य/राज्य द्वारा आयोजित खेल आयोजनों में भागीदारी हेतु-खिलाड़ी, कोच और आवश्यक साथियों के लिये उनके द्वारा भुगतान किये गये देयक हेतु अधिकतम 5 लाख रुपये की सहायता।
सात, प्रति वर्ष 5 दिव्यांग प्रतिभाओं को अधिकतम 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि।
आठ, कोक्लियर इम्प्लांट के अधिकतम 5 तिग्राहियों को पश्चातवर्षी वर्षों में उपकरणों के रखरखाव/सुधार हेतु अधिकतम 3 लाख रुपये प्रति हितग्राही प्रति वर्ष की सहायता।
नौ, दिव्यांगजनों को स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु न्यूनतम 5 दिव्यांगजनों के समूह को अधिकतम 3 लाख रुपये तथा विशेष परिस्थितयों में 1 दिव्यांगजन को 50 हजार रुपये एक बार में ही देय होगा (एक वर्ष में अधिकतम 10 हितग्राही)।
दस, दिव्यांगजनों के सहायतार्थ ऐसे विषय जिनका कोई अन्य वित्तीय विकल्प उपलब्ध नहीं है, उनके संबंध में अधिकतम 10 लाख रुपये की राशि दी जायेगी।
डॉ. नवीन आनंद जोशी