कोरोना संकट के बीच श्रद्धालुओं के लिए सभी धार्मिक स्थान बंद कर दिए गए थे। लेकिन अब जब माहौल में थोड़ा सुधार आ रहा है तो धीरे- धीरे सभी धार्मिक स्थान भी खोले जा रहे हैं। पाकिस्तान में भी करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने के लिए खोला जा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इसकी जानकारी दी है। 


 



 

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने ट्वीट कर कहा कि दुनियाभर में पूजा स्थल खुले हैं। ऐसे में पाकिस्तान भी सभी सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर 29 जून 2020 को महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के अवसर से खोला जाएगा। 

 पाकिस्तान के नारोवाल जिले में रावी नदी के पास स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब का इतिहास करीब 500 साल से भी पुराना है। मान्यता है कि 1522 में सिखों के गुरु नानक देव ने इसकी स्थापना की थी। उन्होंने अपने जीवन के आखिरी साल यहीं बिताए थे। लाहौर से करतारपुर साहिब की दूरी 120 किलोमीटर है तो गुरदासपुर इलाके में भारतीय सीमा से यह लगभग 7 किलोमीटर दूर है।

भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित पवित्र गुरुद्वारे को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया था। करतारपुर कॉरिडोर की नींव 2018 में रखी गई थी। भारत में 26 नवंबर को और पाकिस्तान में 28 नवंबर को शिलान्यास किया गया था। इसके बाद गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर 9 नवंबर 2019 को इसे जनता को समर्पित कर दिया गया था।